मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली के ओखला, भलस्वा और गाजीपुर लैंडफिल साइट्स से कचरे के पहाड़ों को कम करने का अभियान जारी है। पढ़े पूरी खबर।

Delhi News:दिल्ली के तीन प्रमुख लैंडफिल साइट्स से अब तक 2.17 करोड़ मीट्रिक टन लेगेसी वेस्ट (पुराना कचरा) प्रोसेस किया जा चुका है। इस अभियान के जरिए शहर की करीब 100 एकड़ जमीन को दोबारा प्राप्त कर लिया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने शहर के ओखला, भलस्वा और गाजीपुर लैंडफिल में कचरे के पहाड़ों को कम करने के लिए सफाई अभियान चलाया है। पिछले 18 महीनों से जारी इस प्रक्रिया की प्रगति रिपोर्ट 23 से 25 अक्टूबर के बीच आधिकारिक बयानों और मुख्यमंत्री कार्यालय के सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से साझा की गई। यह कदम एनसीआर के पर्यावरण और स्वास्थ्य में सुधार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Delhi News
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कचरा प्रोसेसिंग के कारण ओखला और भलस्वा लैंडफिल साइट्स की ऊंचाई में 30 से 40 मीटर की कमी आई है। वहीं, गाजीपुर लैंडफिल साइट की ऊंचाई में 19 मीटर की गिरावट दर्ज की गई है। Delhi News
कचरे के पहाड़ों में कमी आने से लैंडफिल के आसपास रहने वाले निवासियों को बदबू और लीचेट (कचरे से रिसने वाला प्रदूषित तरल) से राहत मिली है। इसके अलावा, इस प्रक्रिया से शहर के दृश्य स्वरूप में सुधार हुआ है और प्रदूषण के स्तर में कमी आई है। मुक्त कराई गई जमीन का उपयोग भविष्य में हरित क्षेत्रों या अन्य कार्यों के लिए किया जा सकता है। Delhi News
विशेषज्ञों का मानना है कि पुन: उपयोग के लिए निष्क्रिय सामग्री (इनर्ट मटेरियल) की प्रोसेसिंग इस अभियान की मुख्य कुंजी है। हालांकि, नए कचरे के जमाव को रोकने के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता होगी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि अभी कितना कचरा शेष है और इसे पूरी तरह साफ करने की समयसीमा क्या होगी। साथ ही, मुक्त कराई गई जमीन के सटीक उपयोग पर भी निर्णय लिया जाना बाकी है। प्रशासन द्वारा साइटों की निगरानी और प्रोसेसिंग का कार्य जारी रहेगा। Delhi News
विज्ञापन