अरविंद केजरीवाल ने PM मोदी पर साधा निशाना, बोली बड़ी बात

आप के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल ने PM मोदी तथा गृहमंत्री अमित शाह को लेकर बड़ी बात कही है। अदालत का फैसला आने के बाद अरविंद केजरीवाल पत्रकारों के सामने रोने भी लगे। किसी प्रकार से रोना बंद करके अरविंद केजरीवाल ने PM मोदी तथा अमित शाह पर जोरदार हमला बोला।

अरविंद केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar27 Feb 2026 02:30 PM
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अरविंद केजरीवाल ने PM मोदी पर साधा निशाना, बोली बड़ी बात


Delhi News : अदालत से बरी होने के बाद आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल फिर से सुर्खियों में आ गए हैं। अरविंद केजरीवाल ने बरी होते ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को निशाने पर लिया है। आप के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल ने PM मोदी तथा गृहमंत्री अमित शाह को लेकर बड़ी बात कही है। अदालत का फैसला आने के बाद अरविंद केजरीवाल पत्रकारों के सामने रोने भी लगे। किसी प्रकार से रोना बंद करके अरविंद केजरीवाल ने PM मोदी तथा अमित शाह पर जोरदार हमला बोला।

अरविंद केजरीवाल ने बताया आजाद भारत का सबसे बड़ा षडय़ंत्र

पत्रकारों से बात करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी के विरूद्ध PM मोदी तथा अमित शाह ने आजाद भारत का सबसे बड़ा राजनीतिक षडय़ंत्र रचा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आम आदमी पार्टी को समाप्त करने के लिए दोनों ने मिलकर आजाद भारत का यह सबसे बड़ा षडय़ंत्र रचा था। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि शराब घोटाले का फर्जी मामला बनाकर आम आदमी पार्टी के सभी बड़े नेताओं को जेल में डाला गया। दिल्ली जैसे महत्वपूर्ण प्रदेश के मुख्यमंत्री को घसीटकर जेल में भेजा गया। उन्होंने कहा कि अदालत के फैसले से यह साफ हो गया है कि आम आदमी पार्टी ने कोई घोटाला नहीं किया था।



अरविंद केजरीवाल को मिली बड़ी सफलता

दिल्ली के बहुचर्चित शराब घोटाले में शुक्रवार का दिन फैसले का दिन था। दिल्ली की राउज एवन्यु कोर्ट ने सीबीआई की चार्जशीट को बेहद कमजोर मानते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को बरी कर दिया। केजरीवाल के साथ उनके कैबिनेट सहयोगी रहे मनीष सिसौदिया और तेलंगाना के पूर्व सीएम केसीआर की बेटी के कविता को भी शराब घोटाले के आरोपों से दोषमुक्त कर दिया है। इस मामले के कुल 23 आरोपी बरी हुई हैं, लेकिन इसे सबसे बड़ी राहत अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी के लिए मानी जा रहा है। जिन्होंने इस शराब घोटाले के चलते काफी कुछ राजनीतिक और व्यक्तिगत रूप से खोया और सहा। कोर्ट ने शराब घोटाले पर अपने फैसले में कुछ बेहद कड़े तर्क दिए हैं, जिसने जांच एजेंसियों की थ्योरी पर सवाल खड़े कर दिए। स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने कहा कि इतनी कमजोर चार्जशीट उन्होंने पहले कभी नहीं देखी।. हम चार्जशीट फाइल से बात करते हैं, जहां हमारे सवालों का फाइल जवाब देती है। लेकिन CBI की चार्जशीट फाइल हमारे सवालों को लेकर खामोश रही।

अरविंद केजरीवाल के फैसले में अनेक बड़ी बात मौजूद

अरविंद केजरीवाल तथा उनके सहयोगियों को बरी करते हुए अदालत ने अनेक बड़ी बातें कही हैं। इस मामले में अदालत ने कहा कि CBI यह साबित करने में नाकाम रही कि केजरीवाल ने जानबूझकर समन की अनदेखी की। समन भेजने के तरीके (जैसे ईमेल)। को भी कोर्ट ने पूरी तरह कानूनी नहीं माना। कोर्ट ने यहां तक कि केजरीवाल का नाम बिना सबूत के जोड़ा गया। मुख्य आरोपी कुलदीप सिंह को बरी करते हुए जज ने कहा कि हैरानी की बात है कि पहले आरोपी के खिलाफ ही कोई ठोस सामग्री नहीं है। अदालत ने साफ कहा कि शराब माफिया से आम आदमी पार्टी के नेताओं तक पैसा पहुंचने के सबूत 'बिखरे' हुए हैं। यानी जांच एजेंसियां पैसों के लेनदेन की वह कड़ी नहीं जोड़ पाईं जो किसी को दोषी ठहराने के लिए जरूरी होती है। कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष अपना मामला 'संदेह से परे' साबित नहीं कर सका, इसलिए आरोपियों को दोषमुक्त किया जाना चाहिदिल्ली शराब घोटाले को बताया गया था सबसे बड़ा घोटाला

जिस शराब घोटाले के मामले में अरविंद केजरीवाल बरी हुए हैं उस घोटाले को दिल्ली का सबसे बड़ा घोटाला बताया गया था। लम्बे समय तक मीडिया ने शराब घोटाले को दिल्ली के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला कहकर प्रचारित किया था। शुरुआत में जब यह मामला उठा, तो इसे सैकड़ों-हजारों करोड़ का घोटाला बताया गया। दिल्ली के उप-राज्यपाल को सौंपी गई रिपोर्ट में करीब 580 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान की बात कही गई थी। जांच एजेंसियों ने आरोप लगाया था कि नई आबकारी नीति के जरिए शराब व्यापारियों को करीब 12% का मुनाफा सुनिश्चित किया गया, जिसके बदले में 'साउथ ग्रुप' से 100 करोड़ रुपये की रिश्वत (किकबैक) ली गई। ED का दावा था कि इस रिश्वत के पैसे में से करीब 45 करोड़ रुपये का इस्तेमाल आम आदमी पार्टी ने गोवा विधानसभा चुनाव में किया

आम आदमी के पतन का कारण बना शराब घोटाला

यह चर्चित शराब घोटाला दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) के पतन का कारण बन गया। आम आदमी पार्टी के लिए सबसे मुश्किल दौर तब आया जब उसके शीर्ष नेता एक-एक कर जेल चले गए।

मनीष सिसोदिया: आबकारी विभाग के प्रभारी होने के नाते उन्हें फरवरी 2023 में गिरफ्तार किया गया। वे लगभग 17 महीने जेल में रहे।

संजय सिंह: राज्यसभा सांसद संजय सिंह को अक्टूबर 2023 में गिरफ्तार किया गया और वे करीब 6 महीने जेल में रहे।

अरविंद केजरीवाल: उन्हें 21 मार्च 2024 को गिरफ्तार किया गया. बीच में लोकसभा चुनाव 2024 में प्रचार के लिए उन्हें अंतरिम जमानत मिली, लेकिन कुल मिलाकर उन्होंने करीब 5-6 महीने जेल में बिताए. इस दौरान उन्होंने जेल से सीएम पद संभाला और दिल्ली की सरकार चलाई। जमानत के संघर्ष के दौरान अलग-अलग अदालतों ने समय-समय पर सख्त बातें भी कहीं। जमानत खारिज करते हुए शुरुआती दौर में दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा था कि जांच एजेंसियों के पास गिरफ्तारी के लिए पर्याप्त आधार हैं और इसे राजनीति से प्रेरित नहीं कहा जा सकता। हालांकि, बाद में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी को अनिश्चित काल के लिए जेल में नहीं रखा जा सकता क्योंकि 'जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार' सर्वोपरि है। कोर्ट ने ED के 'सरकारी गवाह' बनाने के तरीके पर भी सवाल उठाए थे। इस घोटाले ने विपक्षी दलों को केजरीवाल पर हमला करने का सबसे बड़ा हथियार दे दिया। भाजपा ने केजरीवाल को 'भ्रष्टाचार का पोस्टर बॉय' करार दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग लोकपाल की बात करते थे, वे आज शराब माफिया के साथ खड़े हैं। दिल्ली कांग्रेस ने तो शुरुआत में इस घोटाले की शिकायत ही दर्ज कराई थी। राहुल गांधी ने भी केजरीवाल को इस घोटाले का 'आर्किटेक्ट' बताया था, हालांकि बाद में इंडिया गठबंधन के चलते सुर थोड़े नरम पड़ा

बहुत हानिकारक साबित हुआ शराब घोटाला

शराब घोटाले के दाग ने आम आदमी पार्टी को चुनावी मैदान में काफी नुकसान पहुंचाया। 2024 लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सभी 7 सीटों पर AAP और कांग्रेस का गठबंधन बुरी तरह हार गया। जिसके लिए केजरीवाल कहते हैं कि इस चुनाव जीतने की खातिर आजाद की सबसे साजिश रची गई। टीवी पर 'भ्रष्टाचार' के मुद्दे पर रोजाना डिबेट चलाई गई। AAP की 'कट्टर ईमानदार' वाली छवि को गहरा धक्का लगा। केजरीवाल को यह साबित करने के लिए संघर्ष करना पड़ा कि वे निर्दोष हैं। घोटाले के आरोपों और जेल जाने के नैतिक दबाव के चलते अरविंद केजरीवाल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। उन्हें अपनी जगह आतिशी को मुख्यमंत्री बनाना पड़ा ताकि वे जनता की अदालत में जाकर खुद को निर्दोष साबित करने की अपील कर सकें। लेकिन दिल्ली विधानसभा चुनाव में उनकी कोई दलील वोटर के सामने नहीं चली। केजरीवाल और मनीष सिसौदिया, दोनों अपना चुनाव हार गए

AAP और केजरीवाल के लिए अब आगे क्या?

भले ही निचली अदालत ने केजरीवाल को राहत दी हो, लेकिन इस घोटाले ने आम आदमी पार्टी की राजनीतिक दिशा बदल दी। एक समय पूरे देश में विस्तार का सपना देखने वाली पार्टी आज अपनी साख बचाने की लड़ाई लड़ रही है। केजरीवाल के लिए यह केवल कानूनी लड़ाई नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक विरासत को फिर से खड़ा करने की चुनौती है. पिछले साल फरवरी में दिल्ली चुनाव हार जाने के बाद केजरीवाल लगभग वनवास पर दिल्ली से दूर पंजाब चले गए और वहीं की राजनीति तक सिमट गए। अब कोर्ट से बरी होने के बाद दिल्ली की राजनीति में भव्य एंट्री लेने का मौका मिल गया है। सीबीआई भले कह रही हो कि वह निचली अदालत के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेगी, लेकिन तब तक केजरीवाल के पास जनता की अदालत में अपील का मौका होगा। वे पंजाब से बाहर दिल्ली, गुजरात और गोवा में दोगुनी ताकत से बोलते सुनाई देंगे। Delhi News





 



ए।

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बरी होते ही भावुक हुए अरविंद केजरीवाल, मीडिया के सामने छलके आंसू

कोर्ट ने केजरीवाल, सिसोदिया समेत सभी आरोपियों को डिस्चार्ज कर दिया। सुसुनवाई के दौरान दोनों नेता खुद कोर्ट में मौजूद रहे और फैसला आते ही उनके चेहरे पर राहत साफ झलकती दिखी।

भावुक केजरीवाल
भावुक केजरीवाल
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar27 Feb 2026 11:38 AM
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Delhi News : दिल्ली की पूर्व आबकारी नीति से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में शुक्रवार को राउज एवेन्यू कोर्ट से दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुकख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को बड़ी कानूनी राहत मिली है। कोर्ट ने केजरीवाल, सिसोदिया समेत सभी आरोपियों को डिस्चार्ज कर दिया। सुसुनवाई के दौरान दोनों नेता खुद कोर्ट में मौजूद रहे और फैसला आते ही उनके चेहरे पर राहत साफ झलकती दिखी।

CBI पर्याप्त ठोस सामग्री पेश नहीं कर सकी: कोर्ट

विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने अपने आदेश में कहा कि जांच एजेंसी CBI आरोपों को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त और ठोस सामग्री प्रस्तुत करने में विफल रही। अदालत के मुताबिक, उपलब्ध रिकॉर्ड और दस्तावेज उस स्तर के नहीं हैं, जिनके आधार पर आरोप तय किए जा सकें। कोर्ट ने CBI की जांच और चार्जशीट पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि चार्जशीट में गंभीर कमियां नजर आती हैं। अदालत ने यह भी कहा कि किसी गवाह के बयान या प्रस्तुत सामग्री से आरोप स्पष्ट रूप से साबित नहीं होते, इसलिए आरोप तय करने का कोई मजबूत आधार नहीं बनता। इस मामले में कुल 23 आरोपियों को राहत मिली है। कोर्ट के फैसले के बाद दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और इसे राजधानी की राजनीति में एक अहम मोड़ के तौर पर देखा जा रहा है।

"पार्टी खत्म करने की कोशिश” - केजरीवाल

अदालत से बाहर आने के बाद अरविंद केजरीवाल भावुक दिखे। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी को “खत्म करने की कोशिश” की गई। उनके साथ मनीष सिसोदिया भी मौजूद रहे। फैसले के बाद दिल्ली की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और इसे आने वाले सियासी घटनाक्रमों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। Delhi News


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Big Breaking : दिल्ली शराब घोटाले में केजरीवाल और मनीष सिसोदिया बरी

कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि मनीष सिसोदिया के खिलाफ रिकॉर्ड पर ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं आया, जिससे आरोपों की पुष्टि हो सके। अदालत के मुताबिक सीबीआई के आरोपों में आपराधिक षड्यंत्र (क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी) का आधार भी साबित नहीं हो पाया और प्रॉसिक्यूशन केस साबित करने में विफल रहा।

केजरीवाल–सिसोदिया को बड़ी राहत
केजरीवाल–सिसोदिया को बड़ी राहत
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar27 Feb 2026 11:04 AM
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Delhi News : दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े सीबीआई के एक मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत कई आरोपियों को बरी कर दिया। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि मनीष सिसोदिया के खिलाफ रिकॉर्ड पर ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं आया, जिससे आरोपों की पुष्टि हो सके। अदालत के मुताबिक सीबीआई के आरोपों में आपराधिक षड्यंत्र (क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी) का आधार भी साबित नहीं हो पाया और प्रॉसिक्यूशन केस साबित करने में विफल रहा।

“दस्तावेज मेल नहीं खाते”—कोर्ट की सख्त टिप्पणी

फैसले के दौरान कोर्ट ने सीबीआई की चार्जशीट पर कई सवाल खड़े किए। जज ने कहा कि जांच एजेंसी द्वारा पेश किए गए कुछ दस्तावेज चार्जशीट में किए गए दावों से मेल नहीं खाते। अदालत ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि अब तक कन्फेशनल स्टेटमेंट (स्वीकारोक्ति बयान) की कॉपी तक उपलब्ध नहीं कराई गई। जज ने टिप्पणी करते हुए कहा कि वह सीबीआई के वकील से “ईमानदारी” की अपेक्षा रखते हैं। कोर्ट की एक अहम टिप्पणी “साउथ ग्रुप” जैसे शब्दों के इस्तेमाल को लेकर भी सामने आई। जज ने कहा कि इस तरह के शब्दों का प्रयोग उचित नहीं है। अदालत ने सवाल उठाया कि अगर यही चार्जशीट चेन्नई में दाखिल होती तो क्या उसमें भी “साउथ ग्रुप” ही लिखा जाता? सीबीआई की ओर से दलील दी गई कि यह कई आरोपियों के लिए “साझा शब्द” के तौर पर इस्तेमाल किया गया, लेकिन कोर्ट ने कहा कि इस तरह की भाषा से पूर्वाग्रह का खतरा पैदा होता है और इससे बचा जाना चाहिए। जज ने उदाहरण देते हुए कहा कि अमेरिका में एक मामले में समूह-आधारित शब्दावली के चलते केस खारिज होने जैसी परिस्थितियां भी रही हैं।

आरोपी नंबर 1 और 2 पर कोर्ट की खास टिप्पणी

अदालत ने कुछ आरोपियों को लेकर बेहद स्पष्ट टिप्पणियां कीं—

  • आरोपी नंबर 1: कुलदीप (डिप्टी एक्साइज कमिश्नर)
  • कोर्ट ने कुलदीप को बरी करते हुए कहा कि उनके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला। जज ने यह भी टिप्पणी की कि उन्हें सीबीआई के नैरेटिव को सपोर्ट करने के लिए आरोपी बनाए जाने जैसी स्थिति दिखती है।
  • आरोपी नंबर 2: नरेंद्र सिंह (असिस्टेंट एक्साइज कमिश्नर)
  • कोर्ट के मुताबिक, उन्हें सुनी-सुनाई बातों के आधार पर आरोपी बनाने की कोशिश की गई।

क्या था CBI का आरोप?

सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार, आरोप था कि दिल्ली आबकारी नीति को अपने पक्ष में करवाने के लिए शराब कारोबारियों से जुड़ी कथित “साउथ लॉबी” की ओर से 100 करोड़ रुपये की रिश्वत दी गई। एजेंसी ने इस मामले में 2022 में पहली चार्जशीट दाखिल की थी और बाद में सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दायर की गई।

चार्जशीट में किन-किन नामों का जिक्र?

सीबीआई की ओर से दाखिल चार्जशीट में कुल 23 आरोपियों के नाम शामिल बताए गए थे। इनमें अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, दुर्गेश पाठक, के. कविता, कुलदीप सिंह, नरेंद्र सिंह, विजय नायर, अभिषेक बोइनपल्ली, अरुण रामचंद्र पिल्लई, मुथा गौतम, समीर महेंद्रू, अमनदीप सिंह ढल, अर्जुन पांडे, बुच्चीबाबू गोरंटला, राकेश जोशी, दामोदर प्रसाद शर्मा, प्रिंस कुमार, चनप्रीत सिंह, अरविंद कुमार सिंह, अमित अरोड़ा, विनोद चौहान, आशीष माथुर और पी. सरथ चंद्र रेड्डी के नाम शामिल हैं। Delhi News

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