इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए इन्फ्लुएंस जोन प्लान में बदलाव पर सहमति बनी है। साथ ही रेलवे बोर्ड ने NHSRCL (नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड) को निर्देश दिया है कि वह DPR (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) को नए प्रस्ताव के मुताबिक अपडेट करे।

Delhi News : दिल्ली से वाराणसी तक प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल (HSR) कॉरिडोर को लेकर राजधानी में स्टेशन की लोकेशन पर अहम सहमति बन गई है। योजना के मुताबिक, करीब 4 घंटे में दिल्ली से वाराणसी पहुंचाने वाली बुलेट ट्रेन के लिए दिल्ली का स्टेशन अब सराय काले खां में विकसित किया जाएगा। सराय काले खां पहले से ही दिल्ली का प्रमुख मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब माना जाता है और अब इसी कॉम्प्लेक्स के इर्द-गिर्द हाई-स्पीड रेल स्टेशन जोड़ने की तैयारी तेज हो गई है। इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए इन्फ्लुएंस जोन प्लान में बदलाव पर सहमति बनी है। साथ ही रेलवे बोर्ड ने NHSRCL (नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड) को निर्देश दिया है कि वह DPR (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) को नए प्रस्ताव के मुताबिक अपडेट करे।
पहले हुई चर्चाओं में सराय काले खां को हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का हिस्सा बनाने की योजना मंजूरी के अंतिम चरण में अटक गई थी, जिसकी वजह से इसे इन्फ्लुएंस जोन प्लान से बाहर रखना पड़ा। अब तस्वीर बदलती नजर आ रही है। संशोधित रणनीति के तहत इस अहम ट्रांजिट पॉइंट को दोबारा योजना में शामिल करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, निजामुद्दीन–सराय काले खां मल्टीमॉडल ट्रांजिट हब के विकास को गति देने के लिए एक हाई-लेवल कमेटी गठित की गई है, जो पूरे प्लान की समीक्षा कर रही है। इस बैठक में NHSRCL ने प्रस्तावित हाई-स्पीड स्टेशन का डिजाइन, मेट्रो-रेल-बस और RRTS से जुड़ा मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन मॉडल, साथ ही भविष्य में संभावित यात्रियों के आंकड़ों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण देकर परियोजना की व्यवहारिकता और जरूरत को मजबूत तरीके से सामने रखा है।
दिल्ली–वाराणसी हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट में राजधानी का सबसे बड़ा संकेत यही है कि सराय काले खां–निजामुद्दीन बेल्ट को स्टेशन के लिए फ्रंटलाइन लोकेशन माना जा रहा है। अब NHSRCL को जमीन पर मौजूद हकीकत जैसे स्पेस, ट्रैफिक फ्लो और इंटरचेंज कनेक्टिविटी के मुताबिक DPR को री-वर्क कर अपडेट करने के निर्देश हैं, ताकि प्लानिंग कागज से निकलकर जमीन पर उतर सके। इस पूरी परियोजना की कमान NHSRCL के हाथ में है, जो हाई-स्पीड रेल के लिए फंडिंग से लेकर निर्माण, संचालन और मैनेजमेंट तक की जिम्मेदारी निभाती है। वहीं, भविष्य की तस्वीर इससे भी बड़ी है कॉरिडोर को आगे चलकर द्वारका से लिंक करने की तैयारी की बात भी सामने आ रही है, जिससे दिल्ली को राष्ट्रीय हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के एक मजबूत ‘नोड’ के रूप में स्थापित करने की दिशा बन सकती है। सराय काले खां पहले ही दिल्ली के ट्रैफिक और ट्रांजिट सिस्टम का सबसे बड़ा ‘कनेक्टिविटी हॉटस्पॉट’ माना जाता है। यहां बस टर्मिनल, मेट्रो नेटवर्क, पास ही निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन और RRTS का इंटरचेंज पहले से मौजूद है और अब इसी जोन में हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन स्टेशन जोड़ने की तैयारी है। मतलब, एक ही इलाके में दिल्ली के लगभग सभी बड़े ट्रांसपोर्ट विकल्प एक साथ लाइन-अप होंगे।
केंद्रीय बजट 2026–27 में सात नई बुलेट ट्रेन लाइनों को प्राथमिकता देने की घोषणा के बीच करीब 813 किलोमीटर लंबा दिल्ली–वाराणसी कॉरिडोर भी प्रमुख परियोजनाओं में शामिल बताया गया है। प्रस्तावित नेटवर्क के अनुसार यह कॉरिडोर दिल्ली–वाराणसी के साथ-साथ नोएडा, जेवर (इंटरनेशनल एयरपोर्ट), मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, अयोध्या (कनेक्टिंग लिंक), रायबरेली, प्रयागराज और भदोही जैसे शहरों को भी जोड़ने की दिशा में तैयार किया जा रहा है। Delhi News