अधिकारियों के अनुसार, स्टेशनों का चयन विशेष सर्वे के आधार पर होगा, ताकि उन रूट्स और इलाकों को प्राथमिकता दी जा सके जहां रोजाना यात्रियों की आवाजाही सबसे ज्यादा रहती है। इन चयनित स्टेशनों पर यात्रियों को जरूरत और बजट के हिसाब से तीन विकल्प मिलेंगे।

Delhi News : दिल्ली-एनसीआर में मेट्रो यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। दिल्ली-एनसीआर में मेट्रो से सफर करने वालों के लिए अब स्टेशन के बाहर की भागदौड़ कम होने वाली है। मेट्रो से उतरते ही ऑटो वालों से मोलभाव या महंगी कैब की मजबूरी इन दोनों झंझटों को खत्म करने के लिए DMRC ने बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली मेट्रो ने सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (STCL) के साथ MoU साइन कर स्टेशनों पर Bharat Taxiप्लेटफॉर्म शुरू करने की तैयारी की है, जहां यात्रियों को बाइक, ऑटो और कैब जैसी सेवाएं तुलनात्मक रूप से कम किराए पर मिल सकेंगी। DMRC का फोकस लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को सुरक्षित, व्यवस्थित और भरोसेमंद बनाना है, ताकि यात्रियों को अनधिकृत वाहनों के भरोसे न रहना पड़े।
योजना के शुरुआती चरण में DMRC दिल्ली-एनसीआर के 10 सबसे व्यस्त मेट्रो स्टेशनों को इस सुविधा से जोड़ने की तैयारी कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार, स्टेशनों का चयन विशेष सर्वे के आधार पर होगा, ताकि उन रूट्स और इलाकों को प्राथमिकता दी जा सके जहां रोजाना यात्रियों की आवाजाही सबसे ज्यादा रहती है। इन चयनित स्टेशनों पर यात्रियों को जरूरत और बजट के हिसाब से तीन विकल्प मिलेंगे।
पूरी व्यवस्था को व्यापक स्तर पर लागू करने से पहले DMRC इसे पायलट प्रोजेक्ट के जरिए जमीन पर परख रहा है। शुरुआती तौर पर 31 जनवरी तक दो प्रमुख स्टेशनों मिलेनियम सिटी सेंटर (गुरुग्राम) और बॉटेनिकल गार्डन (नोएडा) पर विशेष बाइक टैक्सी सेवा शुरू की गई है। DMRC के मुताबिक, इस ट्रायल के नतीजे सकारात्मक रहे तो योजना को बिना देर किए शेष 8 स्टेशनों तक भी विस्तार देने की तैयारी है।
DMRC के मुताबिक, यह पहल सिर्फ यात्रियों की सुविधा बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे दो अहम लक्ष्य तय किए गए हैं। पहला, पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देकर शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण की दिशा में योगदान देना। दूसरा, मेट्रो गेट से यात्रियों के घर या गंतव्य तक सुरक्षित और भरोसेमंद कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना, ताकि उन्हें अनधिकृत या असुरक्षित साधनों पर निर्भर न रहना पड़े।
इस करार की सबसे बड़ी खासियत यह है कि STCL कोई निजी कंपनी नहीं, बल्कि एक सहकारी संस्था है। यही वजह है कि किराए को लेकर उम्मीद की जा रही है कि यह सेवा Ola-Uber जैसे निजी एग्रीगेटर्स की तुलना में कम, पारदर्शी और ज्यादा स्थिर रहेगी। DMRC का कहना है कि यात्रियों को यहां बेहतर विकल्प मिलेंगे और किराए में उतार-चढ़ाव की परेशानी भी कम होगी, जिससे आम यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा। Delhi News