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राजधानी दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर परियोजना के तहत केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है।

Delhi News : राजधानी दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर परियोजना के तहत केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। यह परियोजना दिल्ली मेट्रो के फेज-5 (ए) का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत जनकपुरी पश्चिम से आरके आश्रम मार्ग तक मैजेंटा लाइन का विस्तार किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने के बाद केंद्रीय सचिवालय स्टेशन राजधानी का एक महत्वपूर्ण ट्रिपल इंटरचेंज हब बन जाएगा। Delhi News
नई परियोजना के तहत बनने वाला मेट्रो स्टेशन मौजूदा येलो लाइन और वॉयलेट लाइन से जुड़ जाएगा। इसके साथ ही केंद्रीय सचिवालय स्टेशन पर तीन अलग-अलग मेट्रो लाइनों का इंटरचेंज संभव होगा। इससे सरकारी कार्यालयों, केंद्रीय मंत्रालयों और लुटियंस दिल्ली क्षेत्र में आने-जाने वाले लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। यात्रियों को बार-बार वाहन बदलने की आवश्यकता कम होगी और यात्रा का समय भी काफी घट जाएगा। विशेष रूप से सरकारी कर्मचारियों और प्रशासनिक क्षेत्रों में कार्यरत लोगों के लिए यह परियोजना राहत लेकर आएगी। Delhi News
सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर की कुल लंबाई 9.913 किलोमीटर निर्धारित की गई है। यह पूरी तरह भूमिगत (अंडरग्राउंड) मेट्रो लाइन होगी। इस कॉरिडोर पर कुल नौ स्टेशन विकसित किए जाएंगे, जिनमें शिवाजी स्टेडियम, युगे युगीन भारत, केंद्रीय सचिवालय, कर्तव्य भवन, इंडिया गेट, समर स्मारक-हाईकोर्ट, बड़ौदा हाउस, भारत मंडपम और इंद्रप्रस्थ शामिल हैं। यह मेट्रो लाइन दिल्ली के उन क्षेत्रों को जोड़ने का काम करेगी जहां प्रमुख सरकारी कार्यालय, न्यायिक संस्थान, राष्ट्रीय स्मारक और बड़े कन्वेंशन सेंटर स्थित हैं। Delhi News
नई मेट्रो लाइन के शुरू होने के बाद इंडिया गेट, कर्तव्य भवन, नेशनल वॉर मेमोरियल, सुप्रीम कोर्ट, भारत मंडपम और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी परिसरों तक पहुंच पहले की तुलना में अधिक सरल हो जाएगी। इससे न केवल आम नागरिकों को सुविधा मिलेगी, बल्कि विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों और राष्ट्रीय आयोजनों में आने वाले लोगों की आवाजाही भी बेहतर होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना दिल्ली के प्रशासनिक केंद्र को आधुनिक और बेहतर सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी। निर्माण कार्य के शुभारंभ के अवसर पर केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और डीएमआरसी के प्रतिनिधि मौजूद रहे। मंत्री ने कहा कि यह परियोजना दिल्ली की शहरी गतिशीलता (अर्बन मोबिलिटी) को नई दिशा देगी। इसके जरिए हजारों सरकारी कर्मचारियों, नागरिकों और पर्यटकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री के आधुनिक और नागरिक-केंद्रित बुनियादी ढांचा विकास के विजन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। Delhi News
इसी बीच डीएमआरसी ने सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में यातायात दबाव कम करने के लिए विस्तृत अध्ययन कराने की भी योजना बनाई है। इस अध्ययन में वर्ष 2060 तक की परिवहन जरूरतों का आकलन किया जाएगा। स्टडी के दौरान सी-हेक्सागन, मान सिंह मार्ग, रफी अहमद किदवई मार्ग और तीन मूर्ति मार्ग जैसे व्यस्त इलाकों के यातायात पैटर्न का विश्लेषण किया जाएगा। ट्रैफिक जाम कम करने के लिए सुरंग, अंडरपास और अन्य बुनियादी ढांचा विकल्पों पर भी विचार किया जाएगा। Delhi News
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