वह मेवात होते हुए फिरोजपुर झिरका पहुंचा और फिर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के रास्ते दिल्ली की ओर बढ़ा। रास्ते में उसने एक ढाबे पर रात गुजारी और कार में ही सोया। आतंकी की हरकतें सीसीटीवी कैमरों में कैद हुईं। जानकारी के अनुसार, डॉ. उमर ने धमाके से 11 दिन पहले ही सफेद रंग की i20 कार खरीदी थी।

दिल्ली ब्लास्ट मामले में जांच एजेंसियों को एक अहम सुराग हाथ लगा है। लाल किले के पास हुई इस घातक घटना में जिस कार में धमाका हुआ, उसमें मिली लाश का डीएनए परीक्षण आतंकी डॉ. उमर मोहम्मद की मां के सैंपल से पूरी तरह मेल खाता है। इसका साफ मतलब है कि धमाके के समय कार में मौजूद शख्स कोई और नहीं बल्कि डॉ. उमर ही था, और धमाके में उसके शरीर के हिस्से चिथड़े-चिथड़े हो गए। जांच में यह भी सामने आया कि धमाके के बाद कार में उमर के शरीर के जले हुए अवशेष पाए गए थे। इस कारण जांच एजेंसियों के लिए उसकी पहचान करना मुश्किल हो गया था।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि लाल किला विस्फोट स्थल से जुटाए गए नमूनों के डीएनए परीक्षण ने पुष्टि की है कि कार में बैठे शख्स डॉ. उमर ही थे। पुलवामा से उमर की मां से लिया गया डीएनए सैंपल दिल्ली लाया गया और विस्फोट स्थल से मिले अवशेषों के साथ इसका विश्लेषण किया गया। इस धमाके में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से 9 की पहचान पहले ही हो चुकी थी। डॉ. उमर की पहचान के बाद कुल 10 शवों की पुष्टि हो चुकी है। उमर के शरीर के कुछ हिस्से कार में क्षत-विक्षत अवस्था में पाए गए। जांच में यह भी सामने आया कि डॉ. उमर फरीदाबाद में विस्फोटकों की बरामदगी के बाद फरार हो गया था। वह मेवात होते हुए फिरोजपुर झिरका पहुंचा और फिर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के रास्ते दिल्ली की ओर बढ़ा। रास्ते में उसने एक ढाबे पर रात गुजारी और कार में ही सोया। आतंकी की हरकतें सीसीटीवी कैमरों में कैद हुईं। जानकारी के अनुसार, डॉ. उमर ने धमाके से 11 दिन पहले ही सफेद रंग की i20 कार खरीदी थी। धमाके के बाद इसी कार में उसके शरीर के टुकड़े पाए गए। इसके बाद जम्मू-कश्मीर के पुलवामा से उसकी मां का डीएनए सैंपल लाया गया और कार में मिले अवशेषों से मिलान किया गया। परिणाम 100 प्रतिशत मैच होने से अब साफ हो गया कि कार में धमाके के समय डॉ. उमर मौजूद था।
डीएनए (Deoxyribonucleic Acid) हर जीवित कोशिका में पाया जाता है और इसमें आनुवंशिक सूचनाएं संग्रहीत रहती हैं। यह हर व्यक्ति के लिए अद्वितीय होती है, जैसे किसी उत्पाद का बारकोड। डीएनए परीक्षण में खून, ऊतक या गाल के अंदरूनी हिस्से से सैंपल लिया जाता है। इसके बाद डीएनए अलग करके उसकी संरचना और पैटर्न का विश्लेषण किया जाता है। यह पैटर्न संबंधित व्यक्ति (जैसे माता-पिता, भाई-बहन या शव) के डीएनए से मिलाया जाता है। फॉरेंसिक विज्ञान में डीएनए टेस्ट विशेष रूप से जले या क्षत-विक्षत शवों की पहचान के लिए उपयोगी है। यह STR (Short Tandem Repeat) प्रोफाइलिंग पर आधारित होता है, जिसमें डीएनए के विशिष्ट क्षेत्रों की तुलना की जाती है।