दिल्ली में हुआ काकोरी क्रांति गाथा का प्रभावशाली मंचन

काकोरी प्रतिरोध शताब्दी वर्ष के अवसर पर दिल्ली में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारियों को समर्पित ऐतिहासिक नाट्य प्रस्तुति काकोरी क्रांति गाथा का भव्य मंचन किया गया।

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ऐतिहासिक नाट्य प्रस्तुति काकोरी क्रांति गाथा का भव्य मंचन किया गया
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar16 Mar 2026 06:46 PM
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New Delhi : काकोरी प्रतिरोध शताब्दी वर्ष के अवसर पर दिल्ली में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारियों को समर्पित ऐतिहासिक नाट्य प्रस्तुति काकोरी क्रांति गाथा का भव्य मंचन किया गया। यह कार्यक्रम दिल्ली सरकार की साहित्य कला परिषद और सभ्यता अध्ययन केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में 15 मार्च 2026 को आयोजित हुआ। नाटक का मंचन नेशनल स्कूल आॅफ ड्रामा(एनएसडी) के अभिमंच सभागार में किया गया, जहां बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी, शिक्षाविद, सांस्कृतिक कर्मी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह, गुजरात सरकार के पूर्व मंत्री नरेश रावल, उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य वागीश पाठक और आध्यात्मिक गुरु स्वामी दीपांकर जी सहित कई प्रमुख अतिथि मौजूद रहे। आयोजन का उद्देश्य स्वतंत्रता संग्राम के उन क्रांतिकारी अध्यायों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना था, जिन्हें इतिहास में अपेक्षित स्थान नहीं मिल पाया। 

काकोरी कांड की गाथा से दर्शक हुए भावुक

नाटक में भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की सबसे साहसिक घटनाओं में से एक काकोरी कांसपाइरेसी को केंद्र में रखा गया। 9 अगस्त 1925 को क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश सरकार के खजाने से भरी ट्रेन को लखनऊ के पास काकोरी में रोककर अंग्रेजी शासन को सीधी चुनौती दी थी। इस ऐतिहासिक कार्रवाई में महान क्रांतिकारी जैसे रामप्रसाद बिस्मिल, अस्फाकउल्ला खान, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी, रोशन सिंह, चंद्रशेखर आजाद, मन्मथनाथ गुप्ता जैसे वीरों की भूमिका को प्रभावशाली तरीके से मंच पर जीवंत किया गया। कलाकारों के जोशीले संवाद, क्रांतिकारी गीतों और सशक्त मंच सज्जा ने पूरे सभागार को देशभक्ति के भाव से भर दिया।

केवल काकोरी नहीं, व्यापक क्रांतिकारी परंपरा को भी दिखाया

इस नाट्य प्रस्तुति की विशेषता यह रही कि यह केवल काकोरी घटना तक सीमित नहीं रही। मंचन में भारत में ब्रिटिश शासन के खिलाफ प्रारंभिक प्रतिरोध की परंपरा को भी दर्शाया गया। नाटक में आदिवासी और जनजातीय विद्रोहों से लेकर विभिन्न क्रांतिकारी आंदोलनों तक के संघर्षों की झलक दिखाई गई। इसमें ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के साहस और बलिदान को भी प्रस्तुत किया गया, जिससे दर्शकों को स्वतंत्रता संग्राम के व्यापक स्वरूप को समझने का अवसर मिला। 

इतिहास को सही संदर्भ में समझने की जरूरत

कार्यक्रम की शुरुआत में सभ्यता अध्ययन केंद्र के निदेशक रवि शंकर ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि लंबे समय तक काकोरी की इस ऐतिहासिक घटना को केवल ट्रेन डकैती के रूप में प्रस्तुत किया गया, जबकि वास्तव में यह ब्रिटिश शासन के खिलाफ एक संगठित क्रांतिकारी प्रतिरोध था। पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने कहा कि काकोरी प्रतिरोध ने औपनिवेशिक शासन की नींव हिला दी थी और इसने भारतीय युवाओं में स्वतंत्रता की नई चेतना जगाई। स्वामी दीपांकर जी ने कहा कि राष्ट्र की शक्ति उसकी एकता में निहित होती है, जबकि वागीश पाठक ने इस नाट्य प्रस्तुति को देश के विभिन्न शहरों में मंचित किए जाने की आवश्यकता बताई। 

ऐतिहासिक शोध पर आधारित है नाटक

काकोरी क्रांति गाथा का आलेख सभ्यता अध्ययन केंद्र के निदेशक रवि शंकर ने ऐतिहासिक शोध के आधार पर लिखा है, जबकि इसका निर्देशन प्रियंका शर्मा ने किया। कार्यक्रम के अंत में सभ्यता अध्ययन केंद्र के उपाध्यक्ष प्रकाश चंद्र शर्मा ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के बारे में लंबे समय तक जो कथा प्रस्तुत की जाती रही, वह आंशिक सत्य पर आधारित थी। यह नाट्य प्रस्तुति उस व्यापक ऐतिहासिक वास्तविकता को सामने लाने का प्रयास है। दिल्ली में आयोजित काकोरी क्रांति गाथा का यह मंचन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारी अध्याय को नई पीढ़ी के सामने पुन: स्थापित करने का सशक्त प्रयास साबित हुआ। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि भारत की आजादी केवल राजनीतिक आंदोलन का परिणाम नहीं थी, बल्कि हजारों क्रांतिकारियों के साहस, त्याग और बलिदान की गाथा भी है।




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बारिश के बाद बदला दिल्ली का मिजाज, लोगों ने ली राहत की सांस

दिल्लीवासियों के लिए सोमवार की सुबह राहत भरी खबर लेकर आई है। रविवार को हुई बारिश और तेज हवाओं ने राजधानी की हवा को काफी हद तक साफ कर दिया, जिसका असर सोमवार के एयर क्वालिटी इंडेक्स में साफ दिखाई दिया।

दिल्ली की हवा हुई बेहतर
दिल्ली की हवा हुई बेहतर
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar16 Mar 2026 01:02 PM
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Delhi News : दिल्लीवासियों के लिए सोमवार की सुबह राहत भरी खबर लेकर आई है। रविवार को हुई बारिश और तेज हवाओं ने राजधानी की हवा को काफी हद तक साफ कर दिया, जिसका असर सोमवार के एयर क्वालिटी इंडेक्स में साफ दिखाई दिया। दिल्ली-एनसीआर का AQI गिरकर 97 पर पहुंच गया, जिससे वायु गुणवत्ता ‘संतोषजनक’ श्रेणी में दर्ज की गई। मौसम विभाग का कहना है कि बारिश के चलते वातावरण में तैर रहे धूलकण और प्रदूषक तत्व नीचे बैठ गए, जिससे हवा पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा साफ महसूस हुई। वहीं, मौसम में नरमी भी दर्ज की गई और राजधानी का न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जो सामान्य से 2.3 डिग्री अधिक रहा।

रविवार की बारिश ने बदला मौसम का मिजाज

दिल्ली के कई हिस्सों में रविवार को हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के स्टेशनवार आंकड़ों के मुताबिक, पालम में न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.9 डिग्री अधिक है। वहीं लोधी रोड में यह 16.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.8 डिग्री ज्यादा रहा। रिज क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 15.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.3 डिग्री कम है, जबकि आयानगर में यह 16.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.7 डिग्री अधिक है। बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटों में सफदरजंग में 0.4 मिमी, लोधी रोड में 0.5 मिमी और आयानगर में 0.8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। दूसरी ओर पालम और रिज में बहुत कम बारिश दर्ज हुई।

संतोषजनक श्रेणी में पहुंची दिल्ली

बारिश और हवाओं के असर से दिल्ली की हवा में काफी सुधार देखने को मिला। सोमवार को राजधानी का 24 घंटे का औसत AQI 97 दर्ज किया गया, जो ‘संतोषजनक’ श्रेणी में आता है। यह बदलाव दिल्लीवासियों के लिए राहत भरी खबर माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय बाद हवा की गुणवत्ता इस स्तर तक पहुंची है। यदि यह स्थिति पूरे दिन बनी रहती है, तो यह वर्ष का पहला मौका होगा जब दिल्ली की वायु गुणवत्ता संतोषजनक श्रेणी में दर्ज की जाएगी।

CPCB के मुताबिक AQI की श्रेणियां

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार AQI को इस तरह वर्गीकृत किया जाता है:

  • 0 से 50 : अच्छा
  • 51 से 100 : संतोषजनक
  • 101 से 200 : मध्यम
  • 201 से 300 : खराब
  • 301 से 400 : अत्यंत खराब
  • 401 से 500 : गंभीर Delhi News

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पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान, 4 मई को आएंगे नतीजे

इलेक्शन कमीशन आफ इंडिया ने रविवार को पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा कर दी। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव कार्यक्रम का ऐलान किया।

chunav (1)
पांचों राज्यों के मुख्यमंत्री
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar15 Mar 2026 05:05 PM
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New Delhi News : इलेक्शन कमीशन आफ इंडिया ने रविवार को पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा कर दी। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव कार्यक्रम का ऐलान किया। घोषणा के साथ ही सभी राज्यों में आचार संहिता लागू हो गई है। चुनाव प्रक्रिया अप्रैल में पूरी होगी और 4 मई 2026 को मतगणना के साथ नतीजे घोषित किए जाएंगे।

असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान

निर्वाचन आयोग के अनुसार आसाम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव एक ही चरण में कराए जाएंगे। इन तीनों जगहों पर 9 अप्रैल 2026 को मतदान होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी। दक्षिण भारत के प्रमुख राज्य तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव एक चरण में कराए जाएंगे। यहां 23 अप्रैल 2026 को मतदान होगा और नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

पश्चिम बंगाल में दो चरणों में चुनाव

पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव दो चरणों में कराए जाएंगे। 

* पहला चरण 23 अप्रैल 2026

* दूसरा चरण 29 अप्रैल 2026

दोनों चरणों के बाद मतगणना 4 मई 2026 को होगी।

17.4 करोड़ मतदाता करेंगे मतदान

निर्वाचन आयोग के मुताबिक इन पांच राज्यों में करीब 17.4 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। कुल 824 विधानसभा सीटों पर मतदान कराया जाएगा। इसके लिए लगभग 2.19 लाख मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। चुनाव प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए करीब 25 लाख चुनाव अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि पारदर्शिता और निगरानी को मजबूत करने के लिए इस बार सभी मतदान केंद्रों पर 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग की व्यवस्था की जाएगी। इससे चुनाव प्रक्रिया पर रियल-टाइम निगरानी रखी जा सकेगी और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित किया जाएगा।


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