दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव 2026 की मतगणना में अध्यक्ष पद को लेकर ABVP और NSUI के बीच जोरदार मुकाबला देखने को मिल रहा है। वोटों की गिनती आगे बढ़ने के साथ ही चुनावी तस्वीर में लगातार बदलाव नजर आया और अलग-अलग राउंड में दोनों प्रमुख छात्र संगठनों के उम्मीदवारों के बीच बढ़त का अंतर भी बदलता रहा।

Delhi News : दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ यानी DUSU चुनाव 2026 की मतगणना ने पूरे दिल्ली के छात्र राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। 18 सितंबर 2026 को मतदान के बाद 19 सितंबर 2026 की सुबह से शुरू हुई मतगणना में अध्यक्ष पद पर ABVP के यश डबास और NSUI के विजय शंकर मीना के बीच लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। शुरुआती राउंड में कभी ABVP आगे रही तो कुछ राउंड में NSUI ने बढ़त बनाई। यही वजह है कि अध्यक्ष पद की तस्वीर को अंतिम परिणाम आने से पहले स्पष्ट मानना जल्दबाजी होगी। आठवें राउंड तक के आंकड़ों के आधार पर अध्यक्ष पद पर NSUI के विजय शंकर मीना को 9,487 और ABVP के यश डबास को 9,257 वोट मिलने की जानकारी दी थी। वहीं इसके बाद उपलब्ध सातवें राउंड के स्वतंत्र रिपोर्टेड आंकड़ों में यश डबास 8,825 और विजय शंकर मीना 8,216 वोट पर थे। इससे साफ है कि अलग-अलग समय पर जारी राउंडवार आंकड़ों को उनके संबंधित समय-संदर्भ में देखना जरूरी है और अंतिम फैसला आधिकारिक परिणाम से ही होगा। Delhi News
इस बार DUSU चुनाव में 52 मतदान केंद्रों पर लगभग 1.51 लाख से अधिक पात्र विद्यार्थियों के सामने मतदान का अवसर था। कुल मतदान प्रतिशत लगभग 40.46 प्रतिशत दर्ज किया गया। यह पिछले कुछ वर्षों की तुलना में थोड़ा अधिक है, हालांकि 2023 में दर्ज करीब 42 प्रतिशत मतदान से अभी भी कम है। मतदान दो पालियों में हुआ। डे कॉलेजों के लिए सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक तथा ईवनिंग कॉलेजों के लिए दोपहर 3 बजे से शाम 7:30 बजे तक मतदान कराया गया। इस बार EVM के जरिए मतदान हुआ और लगभग 1,000 EVM की व्यवस्था की गई थी, जिनमें 40 रिजर्व मशीनें बताई गईं। Delhi News
अध्यक्ष पद के लिए इस बार सात उम्मीदवार मैदान में थे। इनमें प्रमुख मुकाबला ABVP के यश डबास, NSUI के विजय शंकर मीना और AISA-SFI गठबंधन की अनन्या रतूड़ी के बीच रहा। इसके अलावा ASAP, निर्दलीय तथा अन्य छात्र संगठनों से जुड़े उम्मीदवार भी मैदान में थे। मतगणना के शुरुआती चरण में यश डबास ने बढ़त बनाई। पहले राउंड में उनके 1,503 वोट बताए गए, जबकि विजय शंकर मीना 1,191 वोट पर थे और अनन्या रतूड़ी को 288 वोट मिले। लेकिन दूसरे राउंड में तस्वीर बदली और NSUI के विजय शंकर मीना आगे निकल गए। बाद के राउंड में फिर ABVP ने बढ़त बनाई और सातवें राउंड में यश डबास 8,825 वोट तथा विजय शंकर मीना 8,216 वोट पर बताए गए। यही उतार-चढ़ाव इस चुनाव को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बनाता है। अध्यक्ष पद के मतों का वितरण केवल एक संगठन की लगातार बढ़त की कहानी नहीं दिखाता, बल्कि अलग-अलग राउंड में बदलती स्थिति सामने रखता है। Delhi News
आठवें राउंड के आंकड़ों के आधार पर विजय शंकर मीना 9,487 वोट और यश डबास 9,257 वोट पर बताए गए। यानी उस समय दोनों के बीच अंतर महज 230 वोट का था। इस आंकड़े का महत्व इसलिए भी है क्योंकि इससे पहले सातवें राउंड के बाद यश डबास 609 वोट की बढ़त पर बताए गए थे। यानी मतगणना के अलग-अलग चरणों में नेतृत्व बदल रहा है। ऐसे में सोशल मीडिया पर चल रही किसी एक राउंड की संख्या को अंतिम परिणाम समझना उचित नहीं होगा। अध्यक्ष पद का वास्तविक फैसला सभी वोटों की गणना पूरी होने और आधिकारिक परिणाम घोषित होने के बाद ही माना जाएगा। Delhi News
DUSU चुनाव की सबसे दिलचस्प तस्वीर केवल अध्यक्ष पद तक सीमित नहीं है। उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने बड़ी बढ़त बनाई है। उपलब्ध राउंडवार आंकड़ों में दीपांशु शौकीन ABVP के ईशु मौर्य और NSUI के वीर चतरथ से काफी आगे दिखाई दे रहे हैं। संध्या समय न्यूज की आठवें राउंड की रिपोर्ट में दीपांशु के 12,310 वोट बताए गए, जबकि ईशु मौर्य 3,939 वोट पर थे। अन्य मीडिया रिपोर्टों में भी दीपांशु शौकीन को उपाध्यक्ष पद की दौड़ में आगे बताया गया है। इसका एक अर्थ यह भी है कि DUSU का चुनाव केवल ABVP बनाम NSUI की द्विध्रुवीय लड़ाई नहीं है। कुछ पदों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी मजबूत स्थिति बनाई है। Delhi News
सचिव पद पर ABVP की रिया छावड़ी ने मतगणना के दौरान बढ़त बनाए रखी। आठवें राउंड से संबंधित रिपोर्ट में उन्हें 8,466 वोट मिले थे, जबकि NSUI की नम्रता चौधरी 3,767 वोट पर थीं। छठे राउंड की उपलब्ध रिपोर्ट में भी रिया छावड़ी को बढ़त पर बताया गया था। इससे सचिव पद पर ABVP की स्थिति अध्यक्ष पद की तुलना में अलग दिखाई देती है। Delhi News
संयुक्त सचिव पद पर विशेष यादव ने भी ध्यान आकर्षित किया है। उपलब्ध रिपोर्टों में उन्हें ABVP के लक्ष्य राज सिंह और NSUI के गोपाल चौधरी से आगे बताया गया। आठवें राउंड के आंकड़ों में विशेष यादव के 6,297 वोट, लक्ष्य राज सिंह के 3,851 वोट और NSUI के गोपाल चौधरी के इससे कम वोट बताए गए। इससे DUSU चुनाव का एक दूसरा पहलू सामने आता है—जहां अध्यक्ष पद का मुख्य मुकाबला ABVP और NSUI के बीच है, वहीं दूसरे पदों पर निर्दलीय और छोटे छात्र राजनीतिक समूह भी समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। Delhi News
DUSU चुनाव को केवल ABVP बनाम NSUI की राजनीतिक लड़ाई के रूप में देखना अधूरा होगा। इस बार छात्र सुरक्षा, हॉस्टल और PG आवास, कैंपस सुविधाएं, परीक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों से जुड़े रोजमर्रा के मुद्दे भी चर्चा में रहे। सत्य निकेतन में PG भवन हादसे में सात लोगों की मौत, जिनमें पांच DU छात्र बताए गए, ने छात्र आवास और सुरक्षा के सवाल को चुनावी चर्चा के केंद्र में ला दिया। इसके अलावा परीक्षा और NEET से जुड़े छात्र आंदोलनों का असर भी विश्वविद्यालय के छात्र राजनीतिक वातावरण में दिखाई दिया। Delhi News
इस बार DUSU चुनाव में सोशल मीडिया की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। Instagram Reels, डिजिटल प्रचार और उम्मीदवारों की ऑनलाइन मौजूदगी चुनावी अभियान का हिस्सा बने। मीडिया रिपोर्टों में जातीय और क्षेत्रीय पहचान के आधार पर लामबंदी तथा प्रचार सामग्री और अन्य गतिविधियों का भी उल्लेख हुआ है। इससे छात्र राजनीति के बदलते स्वरूप की झलक मिलती है। पहले जहां कैंपस के पोस्टर, नारे और व्यक्तिगत संपर्क प्रचार का बड़ा माध्यम होते थे, वहीं अब सोशल मीडिया पर उम्मीदवार की दृश्यता भी चुनावी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है। Delhi News
इस चुनाव का एक महत्वपूर्ण पहलू दिल्ली हाईकोर्ट की सख्ती भी रही। 18 सितंबर को अदालत ने DUSU चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद किसी भी प्रकार के विजय जुलूस पर रोक लगा दी। यह रोक विश्वविद्यालय परिसर, हॉस्टल और दिल्ली की सड़कों पर लागू होगी। अदालत ने Lyngdoh Committee की सिफारिशों और चुनाव संबंधी पूर्व निर्देशों के उल्लंघन को लेकर उम्मीदवारों और छात्र संगठनों से जवाब भी मांगा है। रिपोर्टों के अनुसार 140 उम्मीदवारों को नोटिस जारी किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस की ओर से भी बड़ी संख्या में चालान, वाहनों को जब्त करने और FIR तथा गिरफ्तारियों की कार्रवाई की जानकारी अदालत के सामने रखी गई। इससे साफ है कि इस बार DUSU चुनाव सिर्फ वोटों की लड़ाई नहीं, बल्कि चुनावी नियमों के पालन की परीक्षा भी रहा है। Delhi News
मतगणना के दौरान दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। रिपोर्टों के अनुसार 2,000 से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई तथा महत्वपूर्ण मार्गों पर यातायात प्रतिबंध लगाए गए। मतगणना विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस स्थित स्पोर्ट्स स्टेडियम के मल्टीपर्पज हॉल में कराई जा रही है। EVM को मतदान के बाद सुरक्षित तरीके से मतगणना केंद्र तक पहुंचाया गया। Delhi News
19 सितंबर की मतगणना से सामने आए रुझानों को एक साथ देखने पर DUSU चुनाव की तस्वीर कई स्तरों पर बनती है। एक तरफ अध्यक्ष पद पर ABVP और NSUI के बीच सीधी और बेहद करीबी प्रतिस्पर्धा दिखाई देती है। दूसरी तरफ उपाध्यक्ष तथा संयुक्त सचिव जैसे पदों पर निर्दलीय उम्मीदवारों का मजबूत प्रदर्शन सामने आया है। सचिव पद पर ABVP उम्मीदवार ने बढ़त बनाई हुई है। इसलिए इस चुनाव को केवल यह सवाल पूछकर नहीं समझा जा सकता कि ABVP या NSUI में कौन आगे है? असली तस्वीर चारों केंद्रीय पदों के परिणामों को एक साथ देखने पर बनेगी। Delhi News
अध्यक्ष पद की मतगणना ने इस बार खास तौर पर रोमांच पैदा किया है। शुरुआती राउंड में ABVP की बढ़त, उसके बाद NSUI की बढ़त और फिर ABVP का वापस आगे आना तथा आठवें राउंड में NSUI का मामूली अंतर से आगे होना यह बताता है कि मुकाबले में हर राउंड महत्वपूर्ण है। इसलिए फिलहाल किसी उम्मीदवार की जीत घोषित करना उचित नहीं होगा। अंतिम राउंड और आधिकारिक परिणाम ही यह तय करेंगे कि DUSU अध्यक्ष की कुर्सी किसके हिस्से आती है। हालांकि इतना जरूर कहा जा सकता है कि 2026 का DUSU चुनाव दिल्ली की छात्र राजनीति में एक महत्वपूर्ण मुकाबले के रूप में सामने आया है जहां दो बड़े छात्र संगठनों के बीच प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है और छात्र सुरक्षा, आवास तथा कैंपस सुविधाओं जैसे मुद्दे चुनावी बहस में प्रमुख रहे हैं। Delhi News
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