Fake IAS : था डीएमआरसी में केयर टेकर, बता रहा था खुद को आईएएस
Fake IAS
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 04:43 AM
Fake IAS : नई दिल्ली। खुद को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी बताने और निजी गाड़ी पर लाल बत्ती लगाने के आरोप में दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के एक कर्मी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान शाहदरा के गंगा विहार निवासी मनोज कुमार गुप्ता के रूप में हुई है।
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एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि शास्त्री नगर फल मंडी में बृहस्पतिवार शाम लगभग सात बजे एक व्यक्ति ने टाटा टिगोर कार पर लाल बत्ती लगी देखी। उन्हें यह संदिग्ध लगा क्योंकि गाड़ी में सिर्फ एक व्यक्ति था। उन्होंने यह जानकारी यातायात पुलिसकर्मी एएसआई धर्मेंद्र कुमार को दी।
एएसआई ने जब वाहन को रोककर चालक से उसकी पहचान पूछी तो उसने बहस करनी शुरू कर दी, जिसके बाद मामला स्थानीय थाने में पहुंचा। पुलिस ने बताया कि गुप्ता को वह गाड़ी चलाते देखा गया, जिसके बोनट पर 'भारत सरकार' लिखा था तो पीछे 'गवर्नमेंट ऑफ इंडिया' और 'बिजली और ऊर्जा मंत्रालय' लिखा था।
पुलिस ने बताया कि गाड़ी की किनारे वाली खिड़की पर वकील का स्टीकर भी लगा था, जिससे इसकी पुष्टि हो गई कि आरोपी फर्जीवाड़ा कर रहा है।
पुलिस ने बताया कि गुप्ता से जब पूछा गया कि क्या उसके पास लाल बत्ती लगाने का अधिकार है तो वह गुस्सा हो गया और धमकी देते हुए खुद को बिजली और ऊर्जा मंत्रालय में तैनात आईएएस संजीव कुमार बताने लगा। उसने आगे कहा कि उसके पास लाल बत्ती लगाने का अधिकार है।
पुलिस ने बताया कि गुप्ता जिस कार को चला रहा था, वह उसके नाम पर पंजीकृत है और उसके पास उसका ड्राइविंग लाइसेंस भी था। पुलिस उपायुक्त (उत्तर-पूर्वी) संजय कुमार सेन ने कहा कि पुलिस को उसके पास से एक आईडी कार्ड मिला, जिसे डीएमआरसी द्वारा जारी किया गया था। उससे पता चला कि वह मेट्रो में मुख्य देखभालकर्ता के तौर पर कार्यरत है।
इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ संबद्ध धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान गुप्ता ने बताया कि उसने लोगों पर रौब गांठने के लिए लाल बत्ती और अन्य हथकंड़े अपनाए थे।
पुलिस ने कहा कि दिल्ली में गणतंत्र दिवस की तैयारियां पूरे जोरों पर हैं। इस बीच लाल बत्ती का अनाधिकृत उपयोग सुरक्षा व्यवस्था बिगाड़ सकता है। घटना की सूचना खुफिया एजेंसियों, विशेष सेल आदि से भी साझा की गई है और मामले में संयुक्त पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार, गुप्ता 2004 में डीएमआरसी में नियुक्त हुआ था।