प्रसिद्ध कवि तथा शायर दीक्षित दनकौरी को बड़ा आशीर्वाद मिला है। दीक्षित दनकौरी वह कवि हैं जिनकी कविताओं तथा शायरी की लोकप्रियता पूरी दुनिया में है। कवि दीक्षित दनकौरी की रचनाएं अनेक बार भारत की संसद में भी सुनाई गई हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी संसद में दीक्षित दनकौरी की कविताओं के अंश सुनाए हैं। प्रसिद्ध कवि दीक्षित दनकौरी का जन्मदिन भारत की राजधानी दिल्ली में कवि सम्मेलन में मनाया गया। इस दौरान देश भर के अनेक कवियों ने दीक्षित दनकौरी को खूब आशीर्वाद दिया। अपने जन्मदिन के मौके पर आयोजित कवि सम्मेलन में अपनी कविताओं तथाशायरी से दीक्षित दनकौरी ने सबके दिल जीत लिए। Dixit Dankauri
दिल्ली के हिंदी भवन में मना प्रसिद्ध कवि दीक्षित दनकौरी का जन्मदिवस
प्रख्यात शायर दीक्षित दनकौरी के जन्म दिवस पर हिंदी अकादमी दिल्ली और उर्दू अकादमी दिल्ली के सौजन्य से जश्न-ए-अदब द्वारा हिंदी भवन नई दिल्ली में एक भव्य कवि सम्मेलन/ मुशायरा आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता लखनऊ से पधारे वरिष्ठ शायर श्री भूपेंद्र सिंह 'होश' ने की। मुख्य अतिथि सुकवि अश्विनी कुमार 'चांद' IPS और विशिष्ट अतिथि के रूप में शैलेन्द्र जैन 'अप्रिय'- समूह संपादक अमर भारती, श्रीमती संध्या दीक्षित-पूर्व पार्षद दिल्ली नगर निगम और काव्य प्रेमी वरिष्ठ सीए शशि गर्ग उपस्थित रहे। अनस फैजी और पूनम माटिया के संयुक्त संचालन में दिल्ली एन सी आर और देशभर से पधारे लगभग 30 कवि/ कवयित्रियों ने शानदार काव्यपाठ से हॉल में उपस्थित सैकड़ों सुधी श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। समारोह में उपस्थित मंचस्थ अतिथियों, कवियों और सभी काव्य प्रेमी श्रोताओं ने दीक्षित दनकौरी को जन्मदिवस की बधाई एवं तोहफे भेंट किए।
अपने जन्मदिन पर दीक्षित दनकौरी ने भी अपने पुरकशिश तरन्नुम में गजल पाठ करके श्रोताओं को अभिभूत कर दिया। उन्होंने कहा,
जिसने अपना माना नईं
उसके नाज उठाना नईं।
हाल तो उसने पूछ लिया,
लेकिन वो पहचाना नईं।
अपने उद्बोधन में दीक्षित दनकौरी ने जश्न ए अदब, हिंदी अकादमी दिल्ली, उर्दू अकादमी दिल्ली और सहयोगी संस्थाएं, अमर भारती, काव्यलोक (गाजियाबाद), अंजुमन फरोग ए उर्दू का आभार एवं उपस्थित श्रोताओं का धन्यवाद ज्ञापित किया। Dixit Dankauri