Greater Noida News : 2 महीने स्वर्ग के बाद सेमल के वृक्ष ने दिखाया नर्क
Greater Noida News : After 2 months of heaven, Semal tree showed hell
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 02:22 AM
अमन भाटी
Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा मैं पेड़ शहर को चार चांद लगाते हैं वही अब कुछ पेड़ लोगों की जान के दुश्मन बने हुए हैं। ग्रेटर नोएडा के कई सेक्टरों में सेमल के वृक्ष लगे हुए हैं। जिनसे अप्रैल और मई के महीने में कपास जैसा सफेद पदार्थ निकलता है। जो हवा के साथ चारों तरफ फैल जाता है जिससे निवासियों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। निवासियों ने प्राधिकरण से प्रभावित क्षेत्र में विशेष स्वच्छता अभियान चलाने की मांग की है।
Greater Noida News :
हवा के साथ आसपास के क्षेत्रों में फैल रही कपास
ग्रेटर नोएडा के सैक्टर पाई-1&2 व सेक्टर 31, 37 के काफी बड़े क्षेत्र में सेमल के वृक्ष लगे हुऐ हैं। जो अब काफी विशाल हो चुके है। हज़ारो की संख्या में लगे इन औषधीय वृक्षों के फलों से रुई(कपास) के समान सफ़ेद पदार्थ बड़ी मात्रा में अप्रैल-मई महीने में निकलता है। यह रुई पूरे सैक्टर में हवा के साथ उड़ रही है और भारी मात्रा में सड़कों के किनारे, पार्को, घरों में जम रही है। सड़कों और घरों पर बर्फ के जैसी कपास की परत जमी हुई है। जिससे निवासियों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
इन क्षेत्रों में लगे हुए हैं सेमल के वृक्ष
इन पेड़ों से सिल्वर सिटी-2, व्हाइट हाउस, NHPC/ज्योति किरण सोसाईटी, विधि विहार सोसाईटी, GAIL सोसाईटी, सेक्टर-37(समसारा वर्ल्ड स्कूल साईड की ग्रीन बेल्ट) बिरोड़ी गाँव, गोदरेज गोल्फ लिंक, ग्रीनव्यू सहकारी आवास सोसाईटी, होप हॉस्पिटेलिटी, कालीबाड़ी मंदिर व कौशल्या वर्ल्ड स्कूल आदि क्षेत्र प्रभावित है। इन क्षेत्र के निवासियों व 4 स्कूलों के छात्रों को इस वायु प्रदूषण से सांस लेने में भी दिक्कते आ रही है। साथ ही फेफड़ों व आंखों में संक्रमण हों रहें हैं। निवासियों ने प्राधिकरण टीम से क्षेत्र में एक विशेष स्वच्छ्ता अभियान चलाकर क्षेत्र की स्वच्छ्ता कराने व साँसों में घुल रहे इस प्रदूषण से शहरवासियों को निजात दिलाने की मांग की है।
जनवरी फरवरी के महीने में आते हैं सुंदर पुष्प
सत्येंद्र नागर ने बताया कि शायद ये मनमोहक पुष्प देखकर वृक्षों का चुनाव करने वाली प्लानिंग टीम सम्मोहित हो गयी होगी। अब हर वर्ष जनवरी फ़रवरी के महीने में बड़े सुँदर औषधिय लाल पुष्पों से लकदक हो जाते हैं ये बड़े बड़े वृक्ष लेकिन इनके बाद अप्रैल-मई में इनके फलों से में कपास से भी हज़ारो गुना अधिक रुई भी निकल कर हवा में घुल जाती है और पूरे क्षेत्र में फैल जाती है। जिससे अधिक्तर बुजुर्ग और बच्चों को सांस लेने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।