Greater Noida News : शहर में बढ़ रहा अवैध अतिक्रमण, आम नागरिकों का निकलना मुश्किल
Greater Noida News: Illegal encroachment is increasing in the city, it is difficult for common citizens to get out
भारत
चेतना मंच
09 May 2023 06:38 PM
अमन भाटी
Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा शहर पूरी तरह से समस्याओं का शहर बन चुका है। शहर में कहीं कूड़े का ढेर, तो कहीं मलबे के ढेर लगे हुए हैं। जगह जगह लोगों द्वारा अवैध अतिक्रमण किए गए हैं जिससे आम नागरिकों का निकलना मुश्किल हो रहा है। यह अवैध अतिक्रमण जाम को बढ़ावा दे रहे हैं। लोगों द्वारा बार-बार शिकायत करने पर भी ऐसी समस्याओं का कोई समाधान नहीं निकल पा रहा है। लोगों को कहना है कि दुकानदार द्वारा 2, 3 हजार रुपए में अपनी दुकान के ठेली लगवा कर आगे अवैध अतिक्रमण कराया जाता है।
Greater Noida News :
रेहड़ी पटरी की वजह से रोड़ों पर हो रहा अवैध अतिक्रमण
ग्रेटर नोएडा शहर में बहुत ज्यादा अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है जिसके लिए प्राधिकरण के द्वारा अर्बन विभाग की टीम को निर्देशित किया हुआ है कि कहीं भी अतिक्रमण ना बढे़। लेकिन फिर भी ग्रेटर नोएडा शहर में जगह जगह रेहड़ी पटरी की वजह से रोड़ों पर कब्जा होता जा रहा है। ग्रेटर नोएडा में में नियर परी चौक ,अंसल मॉल के सामने, पेट्रोल पंप के बराबर में, गुर्जर भवन के पास रेहड़ी पटरी की वजह से जाम लगा रहता है। जबकि गुर्जर भवन के सामने पुलिस चौकी भी बनी हुई है। तब भी इन रेहड़ी पटरी वालों का जमावड़ा बढ़ता जा रहा है।
सब्जी मार्केट बनने के बावजूद भी नहीं हो रही शुरू
प्रवीण कुमार गर्ग ने बताया कि Beta-2 सेक्टर में सब्जी व फल वालों के लिए मार्केट बनाई गई है। मार्केट पूरी तरह बनकर तैयार काफी समय पहले हो चुकी है। जानकारी के अनुसार आवंटन भी हो चुका है। परंतु अभी तक मार्केट में दुकाने लगना शुरू नहीं हुई है। सब्जी व फल वाले अपनी दुकाने सड़क पर ही लगा रहे हैं। बीटा दो के निवासियों द्वारा मार्केट को ओपन कराए जाने की मांग की जा रही है। जिससे सड़क पर लोगों को परेशानी न हो और आवागमन बाधित न हो।
अवैध अतिक्रमण कर रहे ठेले वालों से मंथली बांधते हैं अधिकारी
निवासियों का कहना है कि अधिकारी बुलडोज़र चलाने की नौबत ही क्यूँ आने देते हैं। पहले तो सालों साल कोई रोकता टोकता नहीं है और जब वो किसी की आजीविका बन जाती है तब ध्वस्त की जाती है। शुरुवात में ही रोकेंगे तो कम से कम व्यक्ति एनी आजीविका तो तलाश लेगा। अभी भी ग्रेटर नोएडा शहर के हर कोने पर रेहड़ी जमनी शुरू हो गईं हैं लेकिन आज शुरुवाती दौर में कोई उनको टोकने तक नहीं जाएगा। कार्यक्रम के अधिकारियों द्वारा ठेलीया उठाई जाती है फिर पैसे देकर इनको छोड़ दिया जाता है। उसके बाद कुछ लोग आएंगे और अपनी मंथली बांध लेंगे। फिर दो-तीन महीने तक कोई भी कुछ भी नहीं कहेगा। तीन चार महीने बाद फिर इनको उठाया जाएगा फिर पैसे लेकर छोड़ने जाएगा फिर महीने की मंथली शुरू हो जाएगी।