Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के संविदाकर्मियों की भर्ती घोटाला मामले में एक नया मोड़ आ गया है। प्राधिकरण की जांच जेम पोर्टल और सेवायोजन पोर्टल के बीच उलझती जा रही है। इसीलिए प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री पूरे मामले की समीक्षा करेंगे।
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विदित हो कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में तकरीबन 4 महीने पहले 123 पदों के लिए संविदा पर अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, अवर अभियंता, नियोजन अधिकारी, सहायक नियोजन अधिकारी, उद्यानकर्मी और आईटी कर्मचारियों के साथ ही अन्य विभागों के लिए कर्मचारियों की तैनाती होनी थी। इसके लिए जेम पोर्टल पर कंपनियों के चयन की प्रक्रिया पूरी हुई। शासनादेश के अनुसार जेम पोर्टल केवल कंपनी का चयन करता है और इसकी एवज में वह अपना कमीशन 0.5 प्रतिशत कंपनी से लेता है। कंपनी का चयन होने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार के सेवायोजन पोर्टल पर अभ्यर्थी को आवेदन करने के लिए रास्ता मिलता है। उत्तर प्रदेश सरकार के सेवायोजन पोर्टल पर आवेदक अपनी योग्यता के अनुसार पदों के लिए डिटेल ऑनलाइन देता है। संविदा पर कर्मचारियों के चयन के लिए प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों की एक कमेटी बनती है। विभागीय अधिकारियों की यह कमेटी साक्षात्कार के आधार पर कर्मचारियों का चयन करती है। इस प्रकरण में भी यह प्रक्रिया पूरी की गई है।
चेतना मंच को अंतरंग सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इन 123 पदों के लिए 339 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। इनमें से 36 कर्मचारियों का चयन हुआ। इस गड़बड़झाले का खुलासा होने के बाद प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी रितु माहेश्वरी ने जांच के आदेश दिए। प्राधिकरण के एसीईओ स्तर पर इस मामले की जांच हो गई है।
सूत्र बताते हैं कि दीपावली से पहले इस प्रकरण में एक समीक्षा बैठक होगी। शासन की ओर से औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी समीक्षा बैठक करेंगे। इस बैठक से पहले प्राधिकरण में हड़कंप मच गया है। सूत्र बताते हैं कि यह जांच जेम पोर्टल और सेवायोजन पोर्टल के बीच उलझाने का प्रयास एक ‘गिरोह’ द्वारा किया जा रहा है। इस मामले में चेतना मंच ने एक समाचार प्रकाशित किया है।
चार कर्मचारी छोड़ गए नौकरी:
इस मामले में चेतना मंच को जानकारी मिली है कि विवेक कुमार, विकास गिरि, रिचा सिंह और शुभम मल ने प्राधिकरण में ज्वाइनिंग के कुछ महीने बाद ही नौकरी छोड़ दी। इनमें विवेक कुमार लखनऊ, शुभम मल मऊ, विकास कुमार गिरि मुरादाबाद से ताल्लुक रखते हैं। प्राधिकरण में नौकरी पाने के लिए लोग एड़ी चोटी का जोर लगाते हैं। लेकिन, ऐसी स्थिति में यदि ये लोग नौकरी छोड़ गए हैं तो यह भी जांच के दायरे में आना चाहिए।
ये कंपनियां हैं जांच के दायरे में:
प्राधिकरण में संविदाकर्मियों के लिए जेम पोर्टल द्वारा माधव एसोसिएट्स और राधा कृष्ण सर्विस प्रोवाइडर का चयन हुआ है। इन्हीं दोनों कंपनियों द्वारा प्राधिकरण में कर्मचारियों की आपूर्ति की जाती है। जानकारों का कहना है कि इन दोनों कंपनियों द्वारा चयनित अभ्यार्थियों ने इस मामले में क्या प्रक्रिया अपनाई, इसकी भी जांच होनी चाहिए। तभी दूध का दूध और पानी का पानी होगा।