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Guru Randhawa: पुलिस टीम ने पश्चिम विहार इलाके में दोनों को घेरने की कोशिश की लेकिन आरोप है कि शूटरों ने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद स्पेशल सेल ने जवाबी कार्रवाई की जिसमें दोनों के पैर में गोली लगी और उन्हें काबू कर लिया गया।

पंजाबी सिंगर गुरु रंधावा के जिम के बाहर हुई फायरिंग के मामले में दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। घटना के करीब 14 दिन बाद स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) ने मुठभेड़ के बाद दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों की पहचान हकीकत और सागर के रूप में हुई है। दोनों पर आरोप है कि वे पश्चिम विहार स्थित गुरु रंधावा के जिम के बाहर हुई फायरिंग में शामिल थे। पुलिस का कहना है कि ये दोनों लॉरेंस बिश्नोई गैंग और अनिल पंडित गिरोह से जुड़े हुए हैं।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, हकीकत और सागर किसी दूसरी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में दिल्ली में घूम रहे थे। इसी दौरान स्पेशल सेल को इनके बारे में इनपुट मिला। पुलिस टीम ने पश्चिम विहार इलाके में दोनों को घेरने की कोशिश की लेकिन आरोप है कि शूटरों ने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद स्पेशल सेल ने जवाबी कार्रवाई की जिसमें दोनों के पैर में गोली लगी और उन्हें काबू कर लिया गया। मुठभेड़ के बाद दोनों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों के पास से पाकिस्तान निर्मित हथियार और एक बाइक भी बरामद की गई है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी हरियाणा के सोनीपत इलाके के रहने वाले हैं और लॉरेंस बिश्नोई- अनिल पंडित गैंग के लिए काम कर रहे थे।
यह पूरा मामला 11 जून की सुबह सामने आया था, जब दिल्ली के पश्चिम विहार स्थित 24 HS Fitness जिम के बाहर फायरिंग की गई थी। यह जिम गुरु रंधावा से जुड़ा बताया जाता है। पुलिस के अनुसार, सुबह करीब 4 बजे बाइक सवार दो हमलावर वहां पहुंचे और जिम के शीशों की तरफ कई राउंड फायरिंग की। इस हमले में किसी के घायल होने की खबर नहीं थी लेकिन जिम के बाहर गोलियां चलने से इलाके में हड़कंप मच गया था। घटना के बाद मौके से कई खाली कारतूस बरामद किए गए थे। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले और हमलावरों की पहचान करने के लिए इलाके की फुटेज, तकनीकी सबूत और रूट मैपिंग पर काम शुरू किया। शुरुआती जांच से यह साफ हुआ था कि हमला सोची-समझी योजना के तहत किया गया था और इसका मकसद सिर्फ दहशत फैलाना नहीं बल्कि एक संदेश देना भी हो सकता है।
फायरिंग के कुछ ही समय बाद सोशल मीडिया पर एक कथित पोस्ट वायरल हुई जिसमें लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े अनिल पंडित गुट ने इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया। इस पोस्ट में कहा गया कि गुरु रंधावा सलमान खान के करीब हैं इसलिए यह हमला किया गया। हालांकि पुलिस ने शुरुआत से ही इस सोशल मीडिया पोस्ट की सच्चाई की अलग से जांच की और इसे केस का एक हिस्सा मानकर देखा। कई रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया कि गुरु रंधावा इस जिम से बतौर ब्रांड एंबेसडर जुड़े हुए हैं। पुलिस की शुरुआती जानकारी में जिम की मालिकाना संरचना और गुरु रंधावा के कनेक्शन को लेकर अलग-अलग बातें सामने आईं लेकिन जांच का फोकस हमलावरों, गैंग कनेक्शन और हमले की साजिश पर ही बना रहा। इस वजह से यह मामला सिर्फ एक फायरिंग केस नहीं रहा बल्कि हाई-प्रोफाइल गैंग वार्निंग और सेलिब्रिटी लिंक वाले केस में बदल गया।
इस मामले में दिल्ली पुलिस पहले भी कार्रवाई कर चुकी थी। 17 जून को क्राइम ब्रांच ने अमन और तुषार नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस का कहना था कि ये दोनों भी लॉरेंस गैंग से जुड़े हुए हैं और फायरिंग केस में इनकी भूमिका सामने आई थी। जांच के दौरान पुलिस को शूटरों, मददगारों और पूरे नेटवर्क के बीच कनेक्शन मिले जिसके बाद फरार बाकी आरोपियों की तलाश और तेज कर दी गई।
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