अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के परमाणु परीक्षण और भारत दौरे से जुड़े बयान पर भारत ने स्पष्ट रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत इस विषय से पूरी तरह अवगत है और पाकिस्तान की गुप्त और अवैध परमाणु गतिविधियां उसके इतिहास का हिस्सा रही हैं।

जायसवाल ने पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम के संस्थापक अब्दुल कादिर खान का हवाला देते हुए बताया कि दशकों से पड़ोसी देश की नीतियां तस्करी, निर्यात नियंत्रण उल्लंघन, गुप्त साझेदारियों और परमाणु प्रसार पर केंद्रित रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान पाकिस्तान से जुड़े इन पहलुओं की ओर आकर्षित किया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति के भारत दौरे पर प्रवक्ता ने कहा कि इस विषय पर फिलहाल साझा करने के लिए कोई जानकारी नहीं है। "जब इस बारे में कुछ स्पष्ट होगा, मीडिया के साथ जानकारी साझा की जाएगी।
व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बातचीत अच्छी चल रही है और वे जल्द ही भारत दौरे पर आ सकते हैं। उन्होंने मोदी को "महान व्यक्ति" बताया और कहा कि भारत का न्योता उन्हें मिला है।
ट्रंप ने इंटरव्यू में कहा कि रूस, चीन, उत्तर कोरिया और पाकिस्तान सक्रिय रूप से परमाणु परीक्षण कर रहे हैं, जबकि अमेरिका ने परीक्षण रोक रखा है। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका को भी अपने परमाणु परीक्षण फिर से शुरू करने की आवश्यकता हो सकती है।
क्वाड (जापान, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और भारत) पर सवाल के जवाब में जयसवाल ने कहा कि चारों साझेदार हिंद-प्रशांत क्षेत्र के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने के लिए इसे अहम मंच मानते हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने हाल ही में मुंबई में आयोजित क्वाड पोर्ट्स ऑफ द फ्यूचर सम्मेलन में हिस्सा लिया।
जायसवाल ने कहा कि हाल ही में अफगानिस्तान के विदेश मंत्री भारत आए थे और दोनों देशों के बीच विकास और सहयोग पर विस्तार से बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि भारत अपने काबुल मिशन की कार्यक्षमता बढ़ाने पर विचार कर रहा है, और इस पर फैसला बाद में लिया जाएगा।