Jantar Mantar: पूरे दिन डिलीवरी एजेंटों की आवाजाही लगातार बनी रही। कोई पिज्जा लेकर पहुंचा, कोई बर्गर तो कोई मोमोज, थाली, चाय और समोसे लेकर आया। यह सिलसिला इतना तेज था कि कई डिलीवरी एजेंटों को एक ही जगह के कई-कई चक्कर लगाने पड़े।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान एक ऐसा नजारा देखने को मिला जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। देश के अलग-अलग राज्यों से ही नहीं बल्कि विदेशों में रहने वाले लोगों ने भी फूड डिलीवरी ऐप के जरिए प्रदर्शनकारियों के लिए खाना भेजा। खास बात यह रही कि ऑर्डर देने वालों ने किसी एक व्यक्ति का नाम नहीं लिखा बल्कि निर्देश दिया कि खाना विरोध स्थल पर मौजूद किसी भी प्रदर्शनकारी को दे दिया जाए। जंतर-मंतर के बाहर मंगलवार को पूरे दिन डिलीवरी एजेंटों की आवाजाही लगातार बनी रही। कोई पिज्जा लेकर पहुंचा, कोई बर्गर तो कोई मोमोज, थाली, चाय और समोसे लेकर आया। यह सिलसिला इतना तेज था कि कई डिलीवरी एजेंटों को एक ही जगह के कई-कई चक्कर लगाने पड़े।
द हिंदू के मुताबिक, 18 वर्षीय डिलीवरी एजेंट आयु जैकब ने बताया कि उन्होंने सुबह से करीब 20 बार जंतर-मंतर पर खाना पहुंचाया। उनके मुताबिक, कुछ ऑर्डर अमेरिका से भी आए थे। उन्होंने कहा कि एक ऑर्डर में 80 पिज्जा थे और ऑर्डर इतने ज्यादा थे कि उनके मैनेजर को भी खुद डिलीवरी करने आना पड़ा। कुछ लोगों ने डिलीवरी एजेंटों से खाना बांटते समय फोटो या वीडियो भेजने की भी मांग की ताकि उन्हें भरोसा हो सके कि उनका भेजा हुआ खाना सही लोगों तक पहुंच गया है।
एक व्यक्ति, जो मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और इस समय बेंगलुरु में नर्सिंग की पढ़ाई कर रहा है, उसने भी प्रदर्शनकारियों के लिए पिज्जा ऑर्डर किया। उसने बताया कि वह पहले NEET परीक्षा की तैयारी कर रहा था लेकिन पेपर लीक की वजह से उसने बाद में नर्सिंग में दाखिला ले लिया। उसका कहना था कि वह खुद दिल्ली नहीं आ सकता लेकिन छात्रों का समर्थन करना चाहता था। इसलिए उसने ऑनलाइन खाना भेजकर अपनी भागीदारी दिखाई।
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24 वर्षीय डिलीवरी एजेंट गोविंद ने बताया कि उन्होंने भी पूरे दिन करीब 18 चक्कर लगाए। उनके मुताबिक, किसी ने 10 कप चाय भेजी तो किसी ने 34 बर्गर और 200 समोसे का ऑर्डर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ लोगों ने उनसे विरोध स्थल के अंदर जाकर खाना पहुंचाने को कहा। इसके बदले उन्हें केवल 20 रुपये मिले लेकिन अंदर जाकर खाना बांटने के बाद उन्हें खुशी हुई। उनका कहना था कि उनके भी दो बच्चे हैं और उन्हें लगा कि छात्र अपनी बात सही तरीके से रख रहे हैं।
42 वर्षीय डिलीवरी एजेंट शाहरोज अकबर जब मोमोज लेकर पहुंचे तो उनके फोन पर साफ लिखा था कि खाना जंतर-मंतर पर मौजूद किसी भी प्रदर्शनकारी को दे दिया जाए। इसी तरह कई अन्य डिलीवरी एजेंट भी अलग-अलग जगहों से आए ऑर्डर लेकर पहुंच रहे थे। कुछ ऑर्डर विदेशों से भी किए गए थे।
विरोध स्थल पर मौजूद स्वयंसेवकों ने बताया कि पूरे दिन वे चौराहे से खाना उठाकर प्रदर्शनकारियों तक पहुंचाते रहे। लेकिन शाम होते-होते स्थिति ऐसी हो गई कि खाना लेने वाले लोगों से ज्यादा खाना पहुंचने लगा। रात तक इतनी मात्रा में खाना इकट्ठा हो गया कि उसका वितरण करना मुश्किल होने लगा। इसके बाद आयोजकों ने सोशल मीडिया पर लोगों से अपील की कि अब और ऑनलाइन खाना न भेजें क्योंकि प्रदर्शनकारियों के लिए जरूरत से ज्यादा भोजन पहुंच चुका है।
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