LG VK Singh ने आतिशी को कसा तंज, कहा-'यमुना मैया का लगा है श्राप'
LG VK Saxena
दिल्ली
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 01:01 PM
दिल्ली
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 01:01 PM
LG VK Saxena : दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी पर उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने यमुना प्रदूषण को लेकर तंज कसते हुए कहा, "आपको यमुना मैया का श्राप लगा है।" यह बयान तब आया जब आतिशी ने एलजी सचिवालय पहुंचकर अपने पद से इस्तीफा सौंपा। सूत्रों के अनुसार, एलजी वीके सक्सेना ने इस मुलाकात के दौरान दिल्ली में यमुना और वायु प्रदूषण की समस्या को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि, यमुना की सफाई को लेकर सरकार को सक्रिय कदम उठाने चाहिए थे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके अलावा, वायु प्रदूषण पर भी चर्चा हुई जिसमें एलजी ने दावा किया कि, सचिवालय ने कई बार सरकार को प्रदूषण कम करने के लिए रचनात्मक कदम उठाने के सुझाव दिए थे लेकिन उन पर उचित कार्रवाई नहीं हुई।
142 दिन बाद आतिशी ने दिया इस्तीफा
दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) की चुनावी हार के बाद मुख्यमंत्री आतिशी ने 142 दिन के कार्यकाल के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया। बता दें कि, सितंबर 2024 में जब अरविंद केजरीवाल जेल गए, तब आतिशी को मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उन्होंने रविवार को एलजी वीके सक्सेना को इस्तीफा सौंप दिया। हालांकि, नई सरकार के गठन तक वह कार्यवाहक मुख्यमंत्री बनी रहेंगी। दिल्ली विधानसभी चुनाव में आम आदमी पार्टी के अधिकांश बड़े नेता चुनाव हार गए लेकिन आतिशी उन गिने-चुने नेताओं में शामिल रहीं, जिन्होंने अपनी सीट बचाने में सफलता पाई।
"मैं सिर्फ अस्थायी मुख्यमंत्री हूं"-आतिशी
आतिशी ने जब मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, तब वह भावुक हो गई थीं। 21 सितंबर 2024 को शपथ लेने के बाद उन्होंने कहा था, "मैंने आज मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ जरूर ली है, लेकिन यह मेरे लिए भावुक क्षण है, क्योंकि अरविंद केजरीवाल आज मुख्यमंत्री नहीं हैं।" इस पूरे कार्यकाल में आतिशी ने खुद को अस्थाई सीएम के तौर पर प्रोजेक्ट किया। यहां तक कि सीएम कार्यालय में भी एक कुर्सी केजरीवाल के लिए खाली रखकर पदभार संभाला था। केजरीवाल ने भी चुनाव प्रचार के दौरान साफ किया था कि दिल्ली में अगर AAP की सरकार बनती है तो मुख्यमंत्री वह खुद बनेंगे। आतिशी भी इस बात पर लगातार मुहर लगाती रहीं ताकि जनता के बीच साफ संदेश जाए।