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दिल्ली में हुई इंडिया गठबंधन की बैठक के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीट शेयरिंग को लेकर नई बहस तेज हो गई है।

Delhi News : दिल्ली में हुई इंडिया गठबंधन की बैठक के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीट शेयरिंग को लेकर नई बहस तेज हो गई है। जहां समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कांग्रेस को बड़ा दिल दिखाने की नसीहत दी है, वहीं यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने पलटवार करते हुए गठबंधन में बराबरी और आपसी उदारता की बात कही है। यह बयान ऐसे समय में आए हैं जब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर विपक्षी दलों के बीच रणनीतिक समीकरणों पर मंथन शुरू हो चुका है।
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सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने गठबंधन की मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते कांग्रेस को सहयोगी क्षेत्रीय दलों को उनके जनाधार के अनुसार सम्मान और हिस्सेदारी देनी चाहिए। उनका इशारा साफ तौर पर सीट बंटवारे में अधिक संतुलन की ओर था।
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अखिलेश ने 2024 लोकसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए यह भी संकेत दिया कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस को 17 सीटें दी थीं, जिनमें से कांग्रेस ने 6 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इस आधार पर सपा नेतृत्व यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि गठबंधन की सफलता केवल एक दल पर निर्भर नहीं है। इस तरह सपा कांग्रेस को बड़ा दिल दिखाने के नाम पर ब्लैकमेल करके अपना उल्लू सीधा करना चाह रही है, और चुनाव में ज्यादा से ज्यादा सीटें गठबंधन में पाना चाहती है।
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अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा सहयोगी दलों के साथ उदारता दिखाई है, लेकिन गठबंधन को एकतरफा नहीं चलाया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी दलों को समान रूप से जिम्मेदारी और समझदारी दिखानी होगी। कांग्रेस का रुख यह दिखाता है कि वह सीट शेयरिंग में केवल दया या दबाव की राजनीति स्वीकार करने के मूड में नहीं है।
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