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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) की बैठक में बुधवार को 2026-27 विपणन सत्र के लिए खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को मंजूरी दे दी गई।

New Delhi News : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) की बैठक में बुधवार को 2026-27 विपणन सत्र के लिए खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को मंजूरी दे दी गई। इस फैसले को केंद्र सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें लागत से बेहतर रिटर्न सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। सरकारी अनुमान के अनुसार, इस फैसले से किसानों को लगभग 2.60 लाख करोड़ रुपये का भुगतान होने की संभावना है, जबकि कुल खरीद लगभग 824.41 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान है। New Delhi News
सरकार ने 2026-27 सीजन के लिए कुल 14 खरीफ फसलों के एमएसपी में वृद्धि को मंजूरी दी है। यह वृद्धि कृषि लागत एवं मूल्य आयोग की सिफारिशों के आधार पर की गई है। केंद्र सरकार का कहना है कि नई दरें किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य देने और कृषि क्षेत्र में स्थिरता लाने के उद्देश्य से तय की गई हैं। New Delhi News
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस बार भी एमएसपी को उत्पादन लागत से कम से कम 50 प्रतिशत अधिक रखा गया है। यह नीति 2019 से लागू उस व्यवस्था का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। इस फैसले को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। New Delhi News
सरकारी घोषणा के अनुसार, खरीफ मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए:
* सामान्य धान का एमएसपी: 2,441 प्रति क्विंटल (72 की बढ़ोतरी)
* अ-ग्रेड धान का एमएसपी: 2,461 प्रति क्विंटल।
धान में इस बढ़ोतरी को किसानों के लिए सबसे अहम बदलावों में से एक माना जा रहा है। New Delhi News
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में यह निर्णय आर्थिक और कृषि विशेषज्ञों की समीक्षा के बाद लिया गया। सरकार का मानना है कि एमएसपी में यह वृद्धि किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ कृषि उत्पादन को भी प्रोत्साहित करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि एमएसपी बढ़ोतरी से किसानों की आय में स्थिरता आएगी। कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण बाजारों में नकदी प्रवाह मजबूत होगा। सरकार इसे किसान-केंद्रित आर्थिक नीति का हिस्सा बता रही है। मोदी कैबिनेट का यह फैसला न केवल खरीफ फसलों के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी का संकेत है, बल्कि यह भी दशार्ता है कि सरकार कृषि क्षेत्र को आर्थिक नीति के केंद्र में रखकर आगे बढ़ रही है। 2.60 लाख करोड़ रुपये के अनुमानित भुगतान के साथ यह कदम किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है। New Delhi News
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