
33 वर्षीय मासूम शर्मा(Masoom Sharma), गायन, गीत लेखन और म्यूजिक कंपोजिंग में सक्रिय हैं। उन्होंने साल 2009 में म्यूजिक एल्बम ‘जलवा हरियाणा’ के साथ डेब्यू किया था। अपने 15 साल से ज्यादा के करियर में उन्होंने कई हिट गाने दिए हैं जैसे ‘ईपी रूपा’, ‘गुंडे ते प्यार’, ‘बदमाशा का ब्याह’, और ‘लोफर’। हालांकि, इन गानों की लोकप्रियता के बावजूद मासूम विवादों से घिरे रहे हैं।
हरियाणा सरकार ने गन कल्चर को बढ़ावा देने के आरोप में मासूम शर्मा(Masoom Sharma) के गानों पर बैन लगाया है। सरकार का मानना है कि इन गानों में हथियारों को glorify किया गया है, जो समाज में गलत संदेश भेज सकता है। इस कार्रवाई में मासूम शर्मा (Masoom Sharma)के अलावा नरेंद्र भगाना और अंकित बालियान के गानों पर भी बैन लगाया गया, लेकिन मासूम के तीन गानों पर यह बैन सबसे ज्यादा चर्चा में आया।
मासूम(Masoom Sharma) ने हरियाणा सरकार के पब्लिसिटी सेल से जुड़े एक अधिकारी पर आरोप लगाया है कि उनके कहने पर उनके गानों पर बैन लगाया गया। उनका कहना है कि यह फैसला निजी झगड़ों का परिणाम है और भेदभावपूर्ण है। मासूम के अनुसार, अधिकारी ने उनके गानों को लेकर व्यक्तिगत रंजिश का पालन किया और इस वजह से उनकी मेहनत को नकार दिया गया।
यह पहला मौका नहीं है जब मासूम(Masoom Sharma) विवादों में घिरे हैं। 2021 में, उन्हें एक शख्स ने व्हाट्सएप पर कॉल करके गालियां दी और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। वहीं, उसी साल एक महिला ने मासूम और तीन अन्य लोगों के खिलाफ जुलाना पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्हें ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया गया था। इसके अलावा, हरियाणा के कॉमेडियन विश्वास चौहान ने भी मासूम पर उनके घर पर फायरिंग करने का आरोप लगाया था, हालांकि विश्वास के मुताबिक, वह बच गए थे।
मासूम शर्मा(Masoom Sharma) के गानों पर हरियाणा सरकार द्वारा लगाए गए बैन ने एक बार फिर से गन कल्चर को लेकर समाज में चर्चा को जन्म दिया है। मासूम शर्मा ने सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए यह दावा किया है कि यह कार्रवाई उनके और एक अधिकारी के निजी झगड़े का परिणाम है। अब यह देखना होगा कि इस विवाद का क्या हल निकाला जाएगा और सरकार इस मामले में आगे क्या कदम उठाती है।Masoom Sharma: