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मालवीय नगर में लगी भीषण आग के बाद दिल्ली प्रशासन पर सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठने लगे थे। इसके बाद उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री के निर्देश पर एमसीडी ने शहरभर में विशेष अभियान शुरू किया।

दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद राजधानी में अवैध निर्माण और सुरक्षा नियमों को लेकर प्रशासन पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। इस हादसे में 21 लोगों की मौत ने पूरे शहर को झकझोर दिया था। अब इस घटना के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम ने भवन नियमों का उल्लंघन करने वाली दर्जनों संपत्तियों के खिलाफ अभियान चलाते हुए कई इमारतों को ध्वस्त किया है जबकि बड़ी संख्या में परिसरों को सील भी किया गया है।
मालवीय नगर में लगी भीषण आग के बाद दिल्ली प्रशासन पर सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठने लगे थे। इसके बाद उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री के निर्देश पर एमसीडी ने शहरभर में विशेष अभियान शुरू किया। इस अभियान का मकसद उन इमारतों और प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करना है जो भवन निर्माण नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं या जिनका इस्तेमाल तय नियमों के विपरीत किया जा रहा है। एमसीडी का कहना है कि यह अभियान केवल एक इलाके तक सीमित नहीं है बल्कि पूरे दिल्ली में चलाया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
नगर निगम के अनुसार एक जून से अब तक दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में 94 संपत्तियों को ध्वस्त किया जा चुका है। इसके अलावा 114 अन्य संपत्तियों को सील भी किया गया है। इन सभी के खिलाफ भवन उपनियमों के उल्लंघन और अवैध गतिविधियों की शिकायतें मिली थीं। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी यह अभियान जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
एमसीडी की कार्रवाई का सबसे ज्यादा असर दक्षिण दिल्ली के कई इलाकों में देखने को मिला है। सैद-उल-अजैब, हौज रानी, खिड़की एक्सटेंशन, सावित्री नगर, खानपुर और गौतम नगर जैसे क्षेत्रों में निगम की टीमों ने लगातार अभियान चलाया। इन इलाकों में कई संपत्तियों को सील किया गया जबकि कुछ अवैध निर्माणों को गिराया भी गया। निगम के मुताबिक एक जून से अब तक सिर्फ इन क्षेत्रों में ही दर्जनों कार्रवाई की जा चुकी हैं।
कार्रवाई के साथ-साथ एमसीडी ने नियमों का उल्लंघन करने वालों को नोटिस भी जारी किए हैं। निगम के अनुसार पिछले कुछ दिनों में 158 नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें उन भवन मालिकों और संचालकों को चेतावनी दी गई है जो तय नियमों के खिलाफ निर्माण या व्यावसायिक गतिविधियां चला रहे हैं। प्रशासन का मानना है कि समय रहते चेतावनी और निगरानी से कई संभावित हादसों को रोका जा सकता है।
मालवीय नगर के फ्लोरिश स्टे बेड-एंड-ब्रेकफास्ट में लगी आग के बाद लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया कि आखिर कितनी इमारतें बिना पर्याप्त अग्नि सुरक्षा व्यवस्था के संचालित हो रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि, केवल कार्रवाई करना ही पर्याप्त नहीं होगा बल्कि भवनों की नियमित जांच और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन भी सुनिश्चित करना होगा।
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार सरकार केवल अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहती बल्कि स्थायी समाधान पर भी काम कर रही है। इसके लिए अधिकारियों को उन इमारतों, गेस्ट हाउस, नर्सिंग होम और अन्य भीड़भाड़ वाले परिसरों के लिए थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस सिस्टम की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का मानना है कि इससे भविष्य में किसी दुर्घटना की स्थिति में प्रभावित लोगों को आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी और भवन संचालकों की जवाबदेही भी तय होगी।
दिल्ली में चल रही यह कार्रवाई साफ संकेत दे रही है कि अब भवन सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा नियमों को लेकर किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मालवीय नगर की घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और आने वाले दिनों में ऐसे अभियानों की रफ्तार और तेज हो सकती है। फिलहाल दिल्ली के विभिन्न इलाकों में जारी इस कार्रवाई पर लोगों की नजर बनी हुई है और उम्मीद की जा रही है कि इससे भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
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