
महेश कुमार शिवा MCD Election Results:: देश की राजधानी 'दिल्ली'। कहते हैं कि "दिल्ली दिल वालों की है"। यहां पर निवास करने वाले व्यक्तियों का "दिल बड़ा" होता है। हाल ही में संपन्न हुए दिल्ली नगर निगम के चुनावों में यहां की जनता ने आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल के प्रति जो "प्यार" दिखाया है, यह उसी का नतीजा है कि आप ने एमसीडी में बहुमत हासिल किया है। दिल्ली नगर निगम चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस ने जो वायदें दिल्ली वासियों के लिए किए थे, उन सभी को दरकिनार कर दिया है। इसके अलावा इन चुनाव परिणामों में राजनीतिक विश्लेषकों के तमाम दावें धरे के धरे रह गए हैं।
करीब एक माह पूर्व दिल्ली नगर निगम चुनाव की प्रक्रिया शुरु हुई थी। उस समय केंद्र शासित भाजपा ने दिल्ली की जनता को लुभाने तथा दिल्ली नगर निगम बोर्ड पर कब्जा जमाने के लिए दिल्ली वासियों के लिए कई तरह के वायदे किए थे। भाजपा ने अपने 'संकल्प पत्र' में कहा था कि यदि दिल्ली नगर निगम में भाजपा का बोर्ड बनता है तो 2024 तक कूड़े के पहाड़ खत्म कर आर्गेनिक पार्क बनाए जाएंगे। भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में 5 साल में 7 लाख गरीब लोगों को आवास उपलब्ध कराने की बात भी कही थी। भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में 11 वायदे किए थे। लेकिन दिल्ली जनता ने इन्हें एक सिरे से दरकिनार कर दिया है। कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में हाउस टेक्स माफ करने की बात प्रमुख रुप से की थी। जबकि आम आदमी पार्टी ने भी अपने घोषणा पत्र में 10 वायदे यहां की जनता से किए। कुल मिलाकर दिल्ली की साफ सफाई, आवास व्यवस्था जैसे वायदें करीब करीब तीनों ही दलों ने यहां की जनता से किए थे।
इस चुनाव को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों ने भी दावे किए थे कि आम आदमी पार्टी बहुमत हासिल करे, ऐसा संभव प्रतीत नहीं हो रहा। लेकिन आज आए मतगणना परिणामों के बाद राजनीतिक विश्लेषकों के सभी दावे धरे के धरे रह गए।
इस चुनाव परिणाम के आने के बाद एक बात तो साफ है कि दिल्ली की जनता बदलाव चाहती है। और यही एमसीडी के चुनाव में यहां की जनता ने साबित भी कर दिया। दिल्ली की जनता ने ठीक ऐसा ही बदलाव तब भी किया था, जब आम आदमी पार्टी की पहली बार पूर्ण बहुमत की सरकार दिल्ली में बनी थी।
महंगाईएक बात और, वह है महंगाई। दिल्ली में सभी आय वर्ग के व्यक्ति निवास करते हैं। वर्तमान में महंगाई जिस तरह से लगातार बढ़ रही है, उसका असर भी कहीं न कहीं एमसीडी चुनाव में देखने को मिला। गरीब वर्ग महंगाई से परेशान है, वह अब उस सरकार को बिल्कुल भी पसंद नहीं कर रहा है, जो महंगाई पर कंट्रोल न कर सके। दिल्ली में भारी संख्या में उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों का श्रमिक वर्ग भी निवास करता है। इन श्रमिकों में जिन्हें दिल्ली में मतदान करने का अधिकार है, वह भी नहीं चाहता कि महंगाई में जीवन यापन व्यतीत करे।
बरहाल, दिल्ली नगर निगम का चुनाव परिणाम आपके सामने है। अब देखना यह होगा कि आम आदमी पार्टी दिल्ली की जनता से किए गए वायदों को कितना और कितने समय में पूरा करती है।