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राजधानी दिल्ली में यमुना नदी को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में रविवार 14 जून को एक बड़े जन-अभियान की शुरुआत होने जा रही है।

New Delhi News : राजधानी दिल्ली में यमुना नदी को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में रविवार 14 जून को एक बड़े जन-अभियान की शुरुआत होने जा रही है। दिल्ली सरकार की पहल पर आयोजित मां यमुना तट स्वच्छता अभियान के तहत यमुना के 28 प्रमुख घाटों और तटवर्ती क्षेत्रों में एक साथ सफाई और जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इस अभियान का उद्देश्य केवल घाटों की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यमुना संरक्षण को जनभागीदारी के माध्यम से एक व्यापक जनआंदोलन का रूप देना भी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता स्वयं इस अभियान का नेतृत्व करेंगी और हजारों नागरिकों के साथ श्रमदान कर यमुना को स्वच्छ एवं निर्मल बनाने का संदेश देंगी।
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दिल्ली सरकार के अनुसार अभियान की शुरुआत रविवार सुबह छह बजे होगी। राजधानी के विभिन्न हिस्सों में स्थित घाटों पर एक साथ सफाई गतिविधियां संचालित की जाएंगी। सरकार का लक्ष्य यमुना तटों से कचरा हटाने के साथ-साथ लोगों को नदी संरक्षण के प्रति जागरूक करना भी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यमुना केवल एक नदी नहीं, बल्कि दिल्ली की सांस्कृतिक, धार्मिक और पर्यावरणीय पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में इसकी स्वच्छता और संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व भी है। अभियान के तहत गीता कॉलोनी घाट, चिल्ला गांव घाट, निजामुद्दीन घाट, गांधी नगर घाट, निगम बोध घाट, कालिंदी कुंज क्षेत्र, यमुना बैंक, रामघाट, काली घाट, श्याम घाट, वजीराबाद क्षेत्र सहित यमुना के दोनों किनारों पर स्थित कई प्रमुख घाटों और तटों पर सफाई अभियान चलाया जाएगा। इन सभी स्थानों पर स्वयंसेवक, सामाजिक संगठन, स्थानीय नागरिक और प्रशासनिक टीमें मिलकर सफाई कार्य करेंगी। इसके अलावा लोगों को यमुना प्रदूषण रोकने के उपायों की जानकारी भी दी जाएगी।
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दिल्ली सरकार का दावा है कि इस महाअभियान में करीब 500 सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक और स्वयंसेवी संस्थाएं भाग लेंगी। इसके अलावा हजारों नागरिक भी अलग-अलग घाटों पर पहुंचकर श्रमदान करेंगे। सरकार का मानना है कि जब समाज और प्रशासन मिलकर किसी लक्ष्य के लिए काम करते हैं तो उसके परिणाम अधिक प्रभावी होते हैं। इसी सोच के तहत इस अभियान को जनभागीदारी आधारित कार्यक्रम के रूप में तैयार किया गया है। अभियान को व्यापक स्वरूप देने के लिए विभिन्न घाटों पर सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता गीता कॉलोनी स्थित ठोकर नंबर-14 घाट पर मौजूद रहेंगी। वहीं केंद्र और दिल्ली सरकार के कई मंत्री अलग-अलग घाटों पर पहुंचकर सफाई अभियान में भाग लेंगे। प्रशासन का मानना है कि जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से लोगों में जागरूकता और उत्साह दोनों बढ़ेंगे।
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अभियान के दौरान लोगों को केवल सफाई के लिए प्रेरित नहीं किया जाएगा, बल्कि यमुना संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण संकल्प भी दिलाए जाएंगे। नागरिकों से अपील की जाएगी कि वे पूजा सामग्री, प्लास्टिक, कपड़े, मूर्तियां और अन्य कचरा नदी में न डालें। इसके अलावा सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग से बचने, नदी तटों को स्वच्छ रखने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश भी दिया जाएगा। दिल्ली सरकार का कहना है कि यमुना की सफाई एक दिन का कार्यक्रम नहीं बल्कि दीर्घकालिक मिशन है। इसके लिए लगातार जनजागरूकता अभियान, सफाई कार्यक्रम और पर्यावरणीय गतिविधियां चलाई जाएंगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यमुना का पुनर्जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। यदि समाज और सरकार मिलकर प्रयास करें तो यमुना को फिर से स्वच्छ और जीवनदायिनी स्वरूप में लौटाया जा सकता है।
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