Jantar Mantar News: नागालैंड में बैठे एक शख्स ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के लिए 150 चीज बर्स्ट पिज्जा और 1000 बिस्कुट के पैकेट भेज दिए। इस पूरे ऑर्डर का बिल सोशल मीडिया पर वायरल हो गया जिसमें करीब 73 हजार रुपये खर्च होने की जानकारी सामने आई है।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक विवाद को लेकर छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है। देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग इस आंदोलन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इसी बीच नागालैंड से आई एक ऐसी पहल ने सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत लिया है। नागालैंड में बैठे एक शख्स ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के लिए 150 चीज बर्स्ट पिज्जा और 1000 बिस्कुट के पैकेट भेज दिए। इस पूरे ऑर्डर का बिल सोशल मीडिया पर वायरल हो गया जिसमें करीब 73 हजार रुपये खर्च होने की जानकारी सामने आई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही जानकारी के मुताबिक, नागालैंड के रहने वाले Zha-Lhou नाम के शख्स ने 22 जुलाई को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित डोमिनोज से जंतर-मंतर के लिए बड़ा ऑर्डर बुक किया था। उन्होंने छात्रों के लिए सामान्य पिज्जा नहीं बल्कि खास चीज बर्स्ट पिज्जा ऑर्डर किए। इसमें कोरियन स्वीट चिली चीज बर्स्ट और फार्महाउस चीज बर्स्ट पिज्जा शामिल थे। इस पूरे ऑर्डर की कीमत करीब 67,734 रुपये बताई जा रही है। ऑर्डर में पिज्जा के अलावा छात्रों के लिए बड़ी संख्या में बिस्कुट के पैकेट भी भेजे गए ताकि प्रदर्शन कर रहे छात्रों को खाने की परेशानी न हो।
Zha-Lhou ने अपनी पोस्ट में लिखा कि वह खुद जंतर-मंतर जाकर छात्रों के साथ खड़े होना चाहते थे लेकिन किसी वजह से ऐसा नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि जब वह नागालैंड में बैठे थे और उन्हें पता चला कि हजारों छात्र अपने भविष्य के लिए दिल्ली में संघर्ष कर रहे हैं तो उन्हें लगा कि वह कम से कम खाने के जरिए उनकी मदद कर सकते हैं। उन्होंने अपनी भावना जाहिर करते हुए लिखा कि वह उस रात अपने खाने का आनंद भी नहीं ले पाए क्योंकि उनके भाई-बहन वहां आंदोलन में बैठे थे।
जब डोमिनोज का डिलीवरी पार्टनर जंतर-मंतर पहुंचा तो उसने फोन कर पूछा कि इतना बड़ा ऑर्डर किसे सौंपना है। इस पर Zha-Lhou ने जो जवाब दिया उसने सभी का दिल जीत लिया। उन्होंने कहा, "इसे किसी को भी दे दीजिए जिसने अभी तक खाना नहीं खाया है।" उनकी इस बात से डिलीवरी बॉय भी भावुक हो गया। उसने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि वह उन लोगों के लिए भगवान जैसे हैं जो इस समय प्रदर्शन में मौजूद हैं।
जैसे ही इस पहल की जानकारी सोशल मीडिया पर सामने आई लोगों ने नागालैंड के इस शख्स की जमकर तारीफ करनी शुरू कर दी। कई यूजर्स ने कहा कि मदद की असली कीमत पैसे से नहीं बल्कि भावना से होती है। वहीं कुछ लोगों ने देश के अलग-अलग हिस्सों में बैठे लोगों से अपील की कि अगर वे प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मदद करना चाहते हैं तो भोजन जैसी छोटी-छोटी चीजों के जरिए भी सहयोग कर सकते हैं।
NEET पेपर लीक विवाद को लेकर छात्र लगातार जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच कई लोग अपने-अपने तरीके से आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन में आगे आ रहे हैं। नागालैंड के इस शख्स की पहल इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि वह हजारों किलोमीटर दूर बैठकर भी छात्रों के लिए मदद का हाथ बढ़ा रहे हैं।
इसी बीच एक और बड़ा अपडेट सामने आया है। पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों से चल रहा अपना अनशन गुरुवार रात करीब 12 बजे खत्म कर दिया। जानकारी के मुताबिक केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में उनसे मुलाकात की और सरकार की ओर से लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद सोनम वांगचुक ने अपनी पत्नी गीतांजलि अंग्मो की मौजूदगी में अनशन समाप्त किया। फिलहाल नागालैंड के इस शख्स की पहल सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग इसे इंसानियत की एक खूबसूरत मिसाल बता रहे हैं।
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