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NEET Exam Facilities: इन कूलिंग जोन में बैठने की व्यवस्था के साथ स्वच्छ पेयजल, शिकंजी, ओआरएस, चाय और प्राथमिक उपचार जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

देशभर में NEET UG 2026 की एग्जाम का दोबारा आयोजन कल (21 जून) किया जाएगा इससे पहले केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार ने परीक्षा को सुचारु और सुरक्षित तरीके से कराने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द हुई पिछली परीक्षा के कारण इस बार प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहता। परीक्षा से एक दिन पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने देशभर के अधिकारियों, परीक्षा समन्वयकों और जिला प्रशासन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान परीक्षा की सुरक्षा, पारदर्शिता और व्यवस्थाओं पर विशेष जोर दिया गया।
दिल्ली सरकार ने इस बार परीक्षा देने वाले छात्रों के साथ-साथ उनके अभिभावकों की सुविधा का भी खास ध्यान रखा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि राजधानी के सभी परीक्षा केंद्रों के बाहर कूलिंग जोन बनाए जाएंगे ताकि भीषण गर्मी में इंतजार कर रहे अभिभावकों को राहत मिल सके। इन कूलिंग जोन में बैठने की व्यवस्था के साथ स्वच्छ पेयजल, शिकंजी, ओआरएस, चाय और प्राथमिक उपचार जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार का मानना है कि जब अभिभावकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तो छात्रों पर भी मानसिक दबाव कम होगा और वे परीक्षा पर बेहतर तरीके से ध्यान दे पाएंगे।
दिल्ली में इस बार कुल 97 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 69 सरकारी स्कूल और 28 केंद्रीय विद्यालय शामिल हैं। इन सभी केंद्रों के बाहर अभिभावकों के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। सरकार ने संबंधित विभागों और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा के दिन किसी भी तरह की असुविधा न हो और सभी व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी कर ली जाएं।
जानकारी के अनुसार दिल्ली में लगभग 60 हजार छात्र NEET UG री-एग्जाम में शामिल होंगे। वहीं दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में परीक्षा देने वाले छात्रों की संख्या करीब एक लाख बताई जा रही है। इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के आने को देखते हुए प्रशासन ने परिवहन, सुरक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया है ताकि परीक्षा प्रक्रिया बिना किसी परेशानी के पूरी हो सके।
परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने डीटीसी बसों में मुफ्त यात्रा की व्यवस्था की है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्र समय पर अपने परीक्षा केंद्र तक पहुंच सकें और उन्हें यात्रा को लेकर अतिरिक्त परेशानी का सामना न करना पड़े। गर्मी को देखते हुए कई स्थानों पर अतिरिक्त कूलिंग जोन भी तैयार किए जा रहे हैं जिससे छात्रों और उनके परिजनों को राहत मिल सके।
पिछली परीक्षा में सामने आए पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के आरोपों के बाद इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पहले से ज्यादा मजबूत बनाया गया है। परीक्षा सामग्री को सुरक्षित तरीके से विभिन्न राज्यों तक पहुंचाने के लिए भारतीय वायु सेना ने 200 से अधिक उड़ानों का संचालन किया है। केंद्र और राज्य स्तर पर अधिकारी लगातार निगरानी बनाए हुए हैं ताकि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना को खत्म किया जा सके। प्रशासन का प्रयास है कि इस बार परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो।
NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में लाखों छात्रों का भविष्य जुड़ा होता है। ऐसे में दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार दोनों ही परीक्षा के दिन छात्रों और अभिभावकों को बेहतर माहौल देने की कोशिश कर रही हैं। कूलिंग जोन, मुफ्त बस यात्रा और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था जैसे कदम इसी दिशा में उठाए गए हैं। उम्मीद की जा रही है कि इन व्यवस्थाओं से छात्रों को परीक्षा के दिन अधिक सुविधा मिलेगी और वे बिना किसी अतिरिक्त तनाव के अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
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