प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रदर्शनकारियों ने हंगामा किया और उन पर तख्तापलट की कोशिश का आरोप लगाया।

New Delhi News : नई दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शनकारियों ने 'स्टॉप इट' और 'गेट आउट' जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर देश में 'तख्तापलट' भड़काने की कोशिश का आरोप लगाया, जिससे पूरी कार्यवाही में अराजकता फैल गई। नेहा बोरा और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने यह प्रेस कॉन्फ्रेंस कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं सौरव दास और आशुतोष रंका की पांच दिन की न्यायिक हिरासत के विरोध में बुलाई थी। ये कार्यकर्ता हाल ही में जंतर मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिए गए थे। इस हंगामे के बीच नेहा बोरा ने शांति बनाए रखने की अपील की और स्थिति को संभालने के लिए रामधारी सिंह दिनकर की कविता 'रश्मिरथी' की पंक्तियां सुनाईं।
इस कॉन्फ्रेंस का उपयोग 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) प्रक्रिया के खिलाफ शिकायतें दर्ज करने के लिए किया गया। वक्ताओं ने इस प्रक्रिया में व्यापक अनियमितताओं का आरोप लगाया, जिसमें मतदाता सूचियों से मनमाने ढंग से नाम हटाना शामिल है। नेहा बोरा ने जोर देकर कहा कि यह अभियान किसी एक पार्टी की पहल नहीं, बल्कि 'वोट देने के अधिकार' के लिए किया जा रहा संघर्ष है। New Delhi News
इस अभियान और संबंधित वकालत से प्रशांत भूषण और प्रकाश राज जैसी प्रमुख हस्तियां जुड़ी रही हैं। यह मुद्दा अब कानूनी और राजनीतिक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। New Delhi News
15 अक्टूबर को इस मामले पर राजनीतिक विवाद गहरा गया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनके 'पूरे इकोसिस्टम' पर नेहा बोरा के साथ मिलकर 'बांग्लादेश जैसी अराजकता' पैदा करने और तख्तापलट की साजिश रचने का आरोप लगाया। भंडारी ने नेहा बोरा के पुराने बयानों का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने बांग्लादेश के युवा नेतृत्व वाले आंदोलन से प्रेरणा मिलने की बात कही थी। इसी बीच, भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) प्रक्रिया पर INDIA गठबंधन और AIMIM द्वारा दायर याचिकाओं के संबंध में केंद्र सरकार और भारत निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी किया है। न्यायालय ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों को हालिया विरोध प्रदर्शनों से संबंधित सभी CCTV फुटेज सुरक्षित करने का आदेश दिया है। यह सब तब हो रहा है जब पारदर्शिता की चिंताओं के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है। New Delhi News
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