New Delhi : विदेशी फंडिंग के आरोप में राजीव गांधी फाउंडेशन का लाइसेंस रद्द
License of Rajiv Gandhi Foundation canceled on charges of foreign funding
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 12:11 PM
New Delhi : नई दिल्ली। साल 2020 में गृह मंत्रालय की ओर से गठित अंतर-मंत्रालीय समिति की रिपोर्ट के बाद केंद्र की भाजपा सरकार ने गांधी परिवार से जुड़े गैर सरकारी संगठन राजीव गांधी फाउंडेशन का विदेशी योगदान नियमन अधिनियम (एफसीआरए) का लाइसेंस रद्द कर दिया है। राजीव गांधी फाउंडेशन की अध्यक्ष सोनिया गांधी हैं। इसके अलावा राजीव गांधी फाउंडेशन के अन्य ट्रस्टियों में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल हैं।
New Delhi :
राजीव गांधी फाउंडेशन की स्थापना भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए की गई थी। सोनिया गांधी के नेतृत्व में जुलाई 1991 में बैठक हुई और फाउंडेशन के लिए एक प्रस्ताव पारित किया गया था। 1991 में स्थापित राजीव गांधी फाउंडेशन ने 1991 से 2009 तक स्वास्थ्य, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, महिलाओं और बच्चों, विकलांगता सहायता आदि सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम किया है। राजीव गांधी फाउंडेशन वेबसाइट के अनुसार, संगठन ने शिक्षा क्षेत्र में भी काम किया है।
उल्लेखनीय है कि गृह मंत्रालय ने राजीव गांधी फाउंडेशन, राजीव गांधी चौरिटेबल ट्रस्ट और इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट को चीन से फंडिंग के मामले में जांच के लिए इंटर मिनिस्ट्रियल समिति का गठन किया था। मंत्रालय ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, आयकर अधिनियम, विदेशी चंदा विनियामक अधिनियम आदि के विभिन्न कानूनी प्रावधानों के उल्लंघन की जांच के लिए इस समिति का गठन किया था।
इस समिति में केंद्रीय गृह और वित्त मंत्रालयों के साथ-साथ केंद्रीय जांच ब्यूरो के अधिकारी शामिल थे। यह जांच करना अनिवार्य था कि क्या गांधी परिवार और अन्य कांग्रेस नेताओं द्वारा चलाए जा रहे इन ट्रस्टों ने आयकर दाखिल करते समय किसी दस्तावेज में हेरफेर किया या विदेशों से प्राप्त धन का दुरुपयोग और लॉन्ड्रिंग की है।