दिल्ली यूनिवर्सिटी में 9500 सीटें अब भी खाली, एडमिशन प्रक्रिया पर उठे सवाल, छात्र परेशान
भारत
चेतना मंच
11 Sep 2025 03:36 PM
देश के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में गिनी जाने वाली दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) की प्रवेश प्रक्रिया पर इस साल भी सवाल उठ रहे हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी में कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) के आधार पर दाखिले की प्रणाली लागू होने के बावजूद 71,000 सीटों में से करीब 9,500 सीटें अब भी खाली हैं। New Delhi News :
कुछ ने 12वीं के अंकों के आधार पर छात्रों को एडमिशन देना शुरू किया
दिल्ली यूनिवर्सिटी के नामी कॉलेज-हिंदू, मिरांडा हाउस, हंसराज, किरोड़ीमल और सेंट स्टीफंस ने भी 12वीं के अंकों के आधार पर छात्रों को एडमिशन देना शुरू किया है। सवाल यह है कि जब सीयूईटी लागू किया गया था ताकि सीटें समय पर और पारदर्शी तरीके से भर सकें, तो फिर हजारों सीटें खाली क्यों रह गईं? दरअसल, 2022 से पहले जब 12वीं कक्षा के अंकों पर दाखिले होते थे, तो सिर्फ चार राउंड में लगभग सभी सीटें भर जाती थीं। लेकिन सीयूईटी लागू होने के बाद से हर साल एडमिशन राउंड लंबा खिंच जाता है और हजारों सीटें अधूरी रह जाती हैं।
शिक्षकों की आपत्तियां
किरोड़ीमल कॉलेज के प्रोफेसर रुद्राशीष चक्रवर्ती का कहना है कि सीएसएएस पोर्टल पर चल रही प्रक्रिया अस्पष्ट है। कॉलेजों को सीट आवंटन और कट-आॅफ की जानकारी नहीं दी जाती। वहीं मिरांडा हाउस की प्रोफेसर आभा देव हबीब का मानना है कि सीयूईटी के चलते स्थानीय छात्र आवेदन करने से बच रहे हैं, जबकि बाहर से आए छात्र डीयू को महंगा मानकर दाखिला नहीं ले रहे। उन्होंने सीयूईटी और सीएसएएस को विफल मॉडल बताते हुए इसे हटाने की मांग की। डीयू टीचर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष आदित्य नारायण मिश्रा ने भी चेतावनी दी कि अगर कॉलेजों को अपनी कट-आॅफ तय करने का अधिकार नहीं मिला, तो विश्वविद्यालय की साख पर गहरी चोट पड़ेगी और यह डीयू के पतन की शुरूआत हो सकती है।
सबसे ज्यादा खाली सीटें बीए में
जानकारी के अनुसार, भगिनी निवेदिता कॉलेज में 709 सीटें, अदिति कॉलेज में 674, जाकिर हुसैन कॉलेज में 387, कालिंदी कॉलेज में 385, दयाल सिंह कॉलेज में 311, भारती कॉलेज में 307, श्याम लाल कॉलेज में 301 और देशबंधु कॉलेज में 295 सीटें अब भी खाली हैं। अधिकांश खाली सीटें बीए कोर्स में बताई जा रही हैं। New Delhi News