World Egg Day : महिलाओं ने पहने खून से सने कपड़े, पिंजरे में हुई बंद
Women wore blood-stained clothes, locked in a cage on World egg day
दिल्ली
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 08:43 PM
एस.एन. वर्मा
World Egg Day : नोएडा/दिल्ली । क्या आपको पता है कि आज विश्व अंडा दिवस है। अक्टूबर के दूसरे शुक्रवार को अंडा दिवस मनाया जाता है। वहीं अंडे उत्पादन के लिए मुर्गियों के साथ कू्ररता को लेकर भी शाकाहार को बढ़ावा देने वाले पुरजोर विरोध करते हैं। यानि अंडे का विरोध और समर्थन दोनों जारी हैं। अब आप अपने विवेक से सोचिए कि सही क्या है और गलत क्या है?
World Egg Day :
भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा अंडा उत्पादक देश है।अंडा दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को अंडे की पौष्टिकता के बारे में जानकारी देना होता है। राष्ट्रीय पोषाहार संस्थान के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति को साल में 180 अंडों का सेवन जरूर करना चाहिए। अंडे में प्रोटीन की अच्छी मात्रा के साथ साथ कई तरह के विटामिन और अमीनो एसिड व लवण पाए जाते हैं जो शरीर को पूरी तरह स्वस्थ रखने में सहायक है।
उन्होंने बताया कि इस दिन शाकाहार को बढ़ावा देने वाले व जीव हिंसा के खिलाफ काम करने वाले मानवीय संगठन इस दिवस का पूरजोर विरोध भी इसी दिन करते रहे है। दिल्ली में अंडा दिवस के पहले ही, मर्सी फॉर एनिमल्स इंडिया फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर पर एक अनोखा प्रदर्शन किया, जिसमें लोगों से पौधों पर आधारित खाद्य पदार्थों को चुनकर दयालु होने का आग्रह किया गया। मर्सी फॉर एनिमल्स की महिला स्वयसेवकों ने 'खून' से सने कपड़े पहन तथा हाथो मैं तख्तियां पकड़े जिन पर लिखा था 'मुर्गियां अंडों के लिए प्रताडि़त होती है, वीगान बने', स्वयसेवकों ने खुद को विशाल पिंजरों में बंद कर लिया।
श्री वर्मा ने बताया कि भारत में चार करोड़ से अधिक मुर्गियाँ कू्रर बैटरी पिंजरों में बंद हैं। अंडे देने के लिए रखी जाने वाली मुर्गियाँ ऐसी गंभीर पीड़ा से गुजऱती हैं जो किसी बुरे सपने से कम नहीं होती, और दो साल से कम उम्र में उनकी मृत्यु हो जाती है। जिन मुर्गियों को अंडे देने के लिए रखा जाता है, उनकी चोंच का एक हिस्सा गर्म ब्लेड से काट दिया जाता है।
मर्सी फॉर एनिमल्स इंडिया फाउंडेशन में समन्वयक निहारिका कपूर ने बताया कि अंडे का उत्पादन सिर्फ कू्रर नहीं बल्कि वे कोलेस्ट्रॉल और संतृप्त वसा में उच्च होते हैं जो कार्डियोवैस्कुलर बीमारी के उच्च जोखिम से जुड़े होते हैं।