मसौदे को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने के लिए सीएम रेखा गुप्ता ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया है। सरकार की सुधारोन्मुख प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए इस टास्क फोर्स को तीन सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

Delhi News : राष्ट्रीय राजधानी में बिखरी हुई शहरी परिवहन व्यवस्था को एक सूत्र में पिरोने और यात्रियों को भटकने से बचाने के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर 'दिल्ली यूनिफाइड मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी' (DUMTA) और 'दिल्ली अर्बन ट्रांसपोर्ट फंड' (DUTF) के गठन के लिए एक व्यापक विधेयक का मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह कदम दिल्ली के तीव्र शहरीकरण, बढ़ती आबादी और वाहनों के दबाव को देखते हुए उठाया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि अब टुकड़े-टुकड़े उपायों की जगह प्रणालीगत और संरचनात्मक समाधान की जरूरत है।
मसौदे को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने के लिए सीएम रेखा गुप्ता ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया है। सरकार की सुधारोन्मुख प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए इस टास्क फोर्स को तीन सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद विधायी प्रक्रिया के जरिए इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
टास्क फोर्स में परिवहन, शहरी विकास, वित्त, योजना, लोक निर्माण और दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। खास बात यह है कि इसमें DDA, MCD, DMRC, DTC, NCRTC और भारतीय रेलवे जैसी सभी प्रमुख नागरिक और परिवहन संस्थाओं के प्रतिनिधियों को भी जगह दी गई है। इसका उद्देश्य वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं और स्थानीय आवश्यकताओं को संतुलित करना है।
DUMTA का मुख्य उद्देश्य दिल्ली की वर्तमान में खंडित परिवहन व्यवस्था को एक छत के नीचे लाना है। वर्तमान में विभिन्न एजेंसियां अलग-अलग काम करती हैं, जिससे मार्ग योजना और सेवा प्रदान में समन्वय की कमी होती है। इस नए प्राधिकरण के तहत मेट्रो, बस, क्षेत्रीय रेल, रेलवे और फीडर सेवाओं को एकीकृत योजना क्षेत्राधिकार में लाया जाएगा। इससे यात्रियों को एकीकृत टिकटिंग और बेहतर कनेक्टिविटी की सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि DUMTA सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने और अंतिम मील कनेक्टिविटी सुधारने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा, "यह प्रदूषण से निपटने की हमारी दीर्घकालिक रणनीति का अहम हिस्सा है। जब सार्वजनिक परिवहन विश्वसनीय होगा, तो लोग निजी वाहनों का उपयोग कम करेंगे, जिससे सड़कों पर जाम की समस्या और वायु प्रदूषण में कमी आएगी।"
परिवहन परियोजनाओं को वित्तीय सहायता देने के लिए 'दिल्ली अर्बन ट्रांसपोर्ट फंड' (DUTF) का गठन भी प्रस्तावित है। यह फंड शहर की बढ़ती परिवहन जरूरतों के अनुसार दीर्घकालिक योजनाओं को साकार करने में मदद करेगा। यह पहल राष्ट्रीय शहरी परिवहन नीति 2006 के तहत प्रस्तावित एकीकृत महानगरीय परिवहन प्राधिकरण (UMTA) के मॉडल पर आधारित है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह विधेयक पारित होता है, तो यह दिल्ली के शहरी परिवहन शासन में एक मील का पत्थर साबित होगा, जो दिल्ली को एक आधुनिक और विश्व स्तरीय शहर बनाने में मदद करेगा। Delhi News