Noida News नोएडा और ग्रेटर नोएडा मेट्रो के यात्रियों को काफी समय से इन दोनों लाइनों में आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस परेशानी से निजात के लिए काफी समय से प्रयास चल रहा है। पिछले चार माह से इस समस्या के समाधान के लिए स्काईवाक का निर्माण हो रहा है, जोकि अगले छह महीने में पूरा होने की उम्मीद है।
Noida News
एक्वा लाइन के सेक्टर 51 और ब्लू लाइन के सेक्टर 52 के बीच की दूरी को देखते हुए यात्रियों की सुविधा के लिए स्काईवाक बनाने को फैसला लिया गया है। दोनों मेट्रो स्टेशनों के बीच स्काईवाक का निर्माण जोर—शोर से चल रहा है। स्काईवाक का 45 फीसद काम पूरा हो चुका है और मार्च तक इसका निर्माण पूरा होने की संभावना है। निर्माण पूरा होने का डेटलाइन 31 मार्च निर्धारित किया गया है। स्काईवाक बनने से नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड और दिल्ली मेट्रो डीएमआरसी के इन दोनों स्टेशनों से रोजाना यात्रा करने वाले 50 हजार यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
दरअसल दोनों मेट्रो स्टेशन के बीच 420 मीटर का फासला है। जिसे यात्रियों को पैदल चल कर पूरा करना होता है। दोनों मेट्रो लाइनों के बीच कोई कॉमन प्लेटफार्म न होने के कारण यात्रियों को काफी परेशानी होती है। हालांकि एनएमआरसी ने ई रिक्शा की व्यवस्था की है लेकिन वर्तमान समय में इसका फायदा नहीं मिल पा रहा है। इसी समस्या के समाधान के लिए नोएडा प्राधिकरण ने स्काईवाक की योजना बनाई है। जो मई में बनना शुरू हो चुका है और 31 मार्च तक बनकर तैयार होगा
विस्तार की योजना भी अटकी
दोनों मेट्रो स्टेशनों के बीच कामन प्लेटपफार्म न होने से परेशानी हो रही है, जिसको दूर करने के लिए ही स्काईवाक बनाया जा रहा है। इसी वजह से एक्वा लाइन विस्तार की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट डीपीआर भी रुकी पड़ी है। केंद्र सरकार के मंत्रालय से इसे मंजूरी भी नहीं मिल पा रही है। एनएमआरसी की ओर से यह कहा जा रहा है कि स्काईवाक के बनने से समस्या दूर हो जाएगी लेकिन मंत्रालय इस तर्क को नहीं मान रहा है।
ग्रेटर नोएडा - नोएडाकी खबरों से अपडेट रहने के लिए चेतना मंच से जुड़े रहें।देश-दुनिया की लेटेस्ट खबरों से अपडेट रहने के लिए हमेंफेसबुकपर लाइक करें याट्विटरपर फॉलो करें।