Noida News : नोएडा के किसानों को प्राधिकरण ने दिखाया ठेंगा
Noida News: 21 plots of IT-ITMS canceled
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 04:49 AM
Noida News : कई वर्षों से अधिग्रहण के बदले 5 फीसदी भूखंड के लिए प्राधिकरण से दो-दो हाथ करने वाले किसानों के हाथ अब खाली हो गए हैं। उनको अब 5 फीसदी भूखंड नहीं मिलेंगी। इसका प्रमुख कारण जमीन की उपलब्धता न होना बताया जा रहा है। इससे नोएडा के तकरीबन ढाई हजार किसानों में आक्रोश व्याप्त है।
Noida News :
नोएडा प्राधिकरण ने 29 मई 2006 के एक आदेश को निरस्त कर दिया है। नए आदेश के तहत जमीन देने के बदले पूरी मुआवजा राशि ले चुके किसानों को अब 5 प्रतिशत के प्लाट नहीं मिलेंगे। 2006 के आदेश के तहत किसान कुल मुआवजा राशि में से 10 प्रतिशत प्राधिकरण में वापस जमा कर 5 प्रतिशत प्लाट पाने के हकदार बन जाते थे। अब अगर किसान 10 प्रतिशत पैसा वापस करेगा तो भी उसे कोई फायदा नहीं होगा। इस फैसले के बाद से किसानों में आक्रोश है।
किसान अभी तक भूखंड और मुआवजा पाने के लिए प्राधिकरण और न्यायालय के चक्कर काट रहे हैं। एक अप्रैल 1997 के बाद जिन किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था, उनके लिए पांच 5 प्रतिशत प्लाट देने की योजना लाई गई थी। इसमें भी यह शामिल है कि अगर प्राधिकरण की किसी आवासीय योजना में किसान को भूखंड आवंटित हो गया है तो वह 5 प्रतिशत भूखंड का हकदार नहीं होगा।
दरअसल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान नोएडा प्राधिकरण ने 60 हजार करोड़ रुपए से अधिक का प्रस्ताव दिया था। अक्टूबर में होने वाली ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में करीब 40 हजार करोड़ का ग्राउंड तैयार करने की बात नोएडा प्राधिकरण कर रही है। लेकिन अब तक जमीनों का आवंटन नहीं किया जा सका है। प्राधिकरण ने 209वीं बोर्ड में 500 करोड़ रुपए का बजट सिर्फ अधिग्रहण के लिए रिजर्व किया है। लेकिन प्राधिकरण अधिकारी सेक्टर-161 से 166 तक बसाने के लिए किसानों से जमीन अधिग्रहित नहीं कर पा रहे हैं।
क्या था 29 मई 2006 का आदेश
अप्रैल 2006 से पहले यह व्यवस्था थी कि किसान को अपर जिलाधिकारी कार्यालय से 10 प्रतिशत राशि काटकर 90 प्रतिशत मुआवजा राशि दे दी जाती थी। लेकिन, वर्ष 2005-06 के आसपास ही कई मामलों में अपर जिलाधिकारी कार्यालय से पूरी मुआवजा राशि का भुगतान किसान को कर दिया गया। ऐसे मामलों को देखते हुए 29 मई 2006 को हुई बोर्ड बैठक में निर्णय लिया गया कि ऐसे किसान, जो भूखंड पात्रता की श्रेणी में आते हैं तथा पांच प्रतिशत का भूखंड चाहते हैं, वे लोग कुल प्राप्त मुआवजा राशि में से 10 प्रतिशत पैसा प्राधिकरण में जमा कर सकते हैं। ये आदेश तत्कालीन सीईओ ने दिया था।
इस नए आदेश के से पहले जिन किसानों ने 5 प्रतिशत प्लाट के लिए कुल मुआवजे का 10 प्रतिशत जमा कर रखा गया है। उन किसानों को प्लाट दिया जाए या नहीं इस पर विचार किया जा रहा है। हालांकि हाल ही में 40 से 50 किसानों के प्लाट अलग-अलग स्थानों पर लगाए गए है। अब आगे क्या किसानों को 5 प्रतिशत प्लाट मिलेगा इस पर संशय कायम है।
प्राधिकरण के इस आदेश के बाद क्षेत्र के किसानों में काफी आक्रोश व्याप्त है। वे इसको लेकर नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ आंदोलन व प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं।