
सनातन धर्म में कार्तिक मास पूरे वर्ष का सबसे पावन मास है। कार्तिक मास में सूर्योदय से पहले स्नान करने से 100 यज्ञों को करने से जो पुण्य की प्राप्ति होती है वह सूर्योदय से पहले कार्तिक स्नान से प्राप्त होती है। हिन्दू धर्म ग्रंथों के अनुसार इस मास में ही भगवान विष्णु अपनी योग निद्रा से बाहर आते हैं और उसके साथ ही होती है त्योहारों की शुरुआत । करवा चौथ, अहोई अष्टमी, दीपावली, भाई दूज, तुलसी विवाह, कार्तिक स्नान इत्यादि। आज कलयुग में भी समाजसेवी, धार्मिक लोग, तथा परिवर के बड़े कार्तिक मास के महत्व को बनाये हुए हैं।
एनइए के अध्यक्ष विपिन मलहन के अनुसार दीपावली की उमंग के बाद एकदम से सब कुछ शांत सा ना हो जाए इसलिए नोएडा में भी वाद्य यंत्रों को बजाते गाते कार्तिक प्रभात फेरिया शुरू की जाती हैं इसमें सभी लोग सुबह उठकर मंदिर जाते हैं मंदिर से हनुमान जी की पतका लेकर सबसे आगे महंत चलते हैं उसके पीछे ढोलक छेने, मृदंग बजाते गाते श्रद्धालु। प्रभात फेरी को अपने घर बुलाने वाले परिवार रात से ही तैयारी शुरू करते हैं। बच्चे, बड़े, युवा सब मिलकर प्रसाद की थैलियों की पैकिंग करते हैं। बच्चे प्रसाद के समान में से कुछ उठाकर प्रसाद जूठा ना कर दें बड़े बार-बार समझाते हैं। इससे बच्चों व युवाओं में संयम आता है। बच्चे व युवा सोशल मीडिया भूल कर पहले प्रभात फेरी फिर गुरु पर्व की तैयारियों में मिलजुल कर काम करना सीखते हैं। मजबूत रिश्ते दोस्त बनते हैं।