Noida News : नोएडा प्राधिकरण के पूर्व सीईओ (CEO) पर लगा भ्रष्टाचार का ठप्पा, होगी जांच
Noida News: Corruption stamp on former CEO of Noida Authority, will be investigated
भारत
चेतना मंच
19 May 2023 07:35 PM
Noida News : नोएडा/लखनऊ। नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रह चुके वरिष्ठ आईएएस (IAS) अमित मोहन प्रसाद पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। उनके साथ ही यूपी काडर के दूसरे अफसर प्रांजल यादव पर भी इसी प्रकार के आरोप लगे हैं। दोनों ही अफसरों पर स्वास्थ्य विभाग में तैनात रहने के दौरान टेंडरों में हेराफेरी करके अपने चहेते ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने का आरोप है। अमित मोहन प्रसाद यूपी कैडर के 1989 बैच के आईएएस(IAS) अधिकारी हैं। वर्ष 2017 में वे नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रहे थे।
Noida News :
क्या है मामला ?
आपको बता दें कि लोकायुक्त ने चहेती कंपनियों और फर्मों को काम देने के आरोपी दो आईएएस अफसर अमित मोहन प्रसाद और प्रांजल यादव समेत पांच अफसरों के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। इनके खिलाफ खुली जांच में लोकायुक्त संगठन को पुख्ता साक्ष्य मिले हैं। लिहाजा, उप लोकायुक्त दिनेश कुमार सिंह को अंतिम जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
लोकायुक्त संगठन के सचिव अनिल कुमार सिंह ने बताया कि लखनऊ के महेश चंद्र श्रीवास्तव ने दो साल पहले स्वास्थ्य विभाग के तत्कालीन अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद (अभी अपर मुख्य सचिव एमएसएमई), विशेष सचिव प्रांजल यादव (वर्तमान सचिव एमएसएमई), संयुक्त सचिव प्राणेश चंद्र शुक्ला, अपर निदेशक विद्युत महानिदेशालय डीके सिंह व चिकित्सा विभाग के अनुभाग अधिकारी चंदन कुमार रावत के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था, प्रसाद समेत पांचों अफसरों ने सांठगांठ करके उप्र राज्य निर्माण सहकारी संघ लि. में अग्निशमन कार्य की निविदा प्रकाशित की, जिससे उन्हें अनुचित लाभ हुआ। प्रारंभिक जांच में गड़बडिय़ों के तमाम साक्ष्य मिले हैं। लिहाजा, अब विस्तृत जांच होगी, जिसमें आरोपियों को तलब कर पूछताछ होगी। उनके बयान दर्ज के करने के साथ शपथपत्र भी लिए जाएंगे।
अपने चहेतों के काम
आरोप है कि निर्माण सहकारी संघ लि. को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण का काम दिया गया। इसमें अग्निशमन का काम शामिल है। वर्षों से मुख्य अभियंता, विद्युत का पद रिक्त होने के बाद भी विद्युत कार्यों की निविदाएं जारी हो रही हैं। आरोपी लोकसेवक अनुचित लाभ प्राप्त कर दक्ष न होने के बावजूद चहेती कंपनी को नियम विरुद्ध कार्य दे रहे है।