Noida News : नोएडा शहर में रहने वाले बेटे तथा बेटियां अक्सर बड़े-बड़े काम करते रहते हैं। ऐसा ही एक बड़ा काम नोएडा के सेक्टर-130 में रहने वाले नोएडा के लाल डॉ. सिद्धार्थ मनवटी ने किया। बायो टैक्नोलॉजी में पीएचडी (PHD) करने वाले डॉ. सिद्धार्थ मनवटी नोएडा के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता अशोक मनवटी के पुत्र हैं। डॉ. सिद्धार्थ मनवटी का परिवार मूल रूप से कश्मीर का रहने वाला है।
डॉ. सिद्धार्थ मनवटी को मिला बड़ा ईनाम
नोएडा के बेटे डॉ. सिद्धार्थ मनवटी को भारत सरकार ने बड़ा ईनाम दिया है। हाल ही में आयोजित वल्र्ड फूड इंडिया प्रदर्शनी में उन्हें यह ईनाम दिया गया है। डॉ. सिद्धार्थ मनवटी के काम की सराहना करते हुए भारत सरकार के खाद्य मंत्री रवनीत सिंह ने उन्हें प्रशस्ति-पत्र तथा 4 लाख रूपए का ईनाम देकर सम्मानित किया है। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह ने डॉ. सिद्धार्थ मनवटी द्वारा किए गए कार्य की मुक्त कंठ से सराहना भी की। दरअसल डा. सिद्धार्थ मनवटी ने एक बड़ा आविष्कार किया है।
बड़ा आविष्कार किया है डॉ. सिद्धार्थ मनवटी ने
नोएडा शहर के सेक्टर-130 में रहने वाले डॉ. सिद्धार्थ मनवटी ने जेएनयू (JNU) से पीएचडी (PHD) की है। पीएचडी (PHD) के साथ ही उन्होंने एक बड़ा आविष्कार किया है। दरअसल अब तक प्रयोगशाला में कोई कल्चर टेस्ट करने के लिए एक पुरानी टैकनीक का प्रयोग किया जाता है। कल्चर टेस्ट के दौरान कोशिकाओं के विकास के लिए गाय के खून का प्रयोग किया जाता है। डॉ. सिद्धार्थ मनवटी ने खोज की है कि कोशिका का विकास पौधों के रस के द्वारा किया जा सकता है। उनकी इस खोज को एक बड़ी खोज माना जा रहा है। इस काम के लिए डॉ. सिद्धार्थ मनवटी की खूब तारीफ हो रही है। नोएडा से लेकर कश्मीर तक से उन्हें बधाई मिल रही हैं। डॉ. सिद्धार्थ मनवटी के पिता अशोक मनवटी नोएडा के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता हैं। श्री मनवटी पिछले 30 वर्षों से नोएडा में सक्रिय हैं। उनका परिवार मूल रूप से कश्मीर का रहने वाला है। Noida News ग्रेटरनोएडा– नोएडाकीखबरोंसेअपडेटरहनेकेलिएचेतनामंचसेजुड़ेरहें।देश–दुनियाकीलेटेस्टखबरोंसेअपडेटरहनेकेलिएहमेंफेसबुकपरलाइककरेंयाट्विटरपरफॉलोकरें।