
Delhi : राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आवागमन को नया आयाम देने वाली एक महत्त्वाकांक्षी परियोजना पर काम शुरू होने जा रहा है। NCR परिवहन निगम (NCRTC) ने एक नई रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) लाइन का प्रस्ताव दिया है, जिसकी अनुमानित लागत 15,000 करोड़ रुपये होगी। यह हाई-स्पीड कॉरिडोर गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा को आपस में जोड़ते हुए गाजियाबाद-जेवर एयरपोर्ट लाइन से भी जुड़ जाएगा।
यह नई रेल लाइन न केवल एनसीआर के चार प्रमुख शहरों को जोड़ेगी, बल्कि इंटरसिटी ट्रैफिक में भी अभूतपूर्व सुधार लाएगी। परियोजना के बाद एनसीआर में तेज़, भरोसेमंद और पर्यावरण-अनुकूल पब्लिक ट्रांसपोर्ट का एक नया विकल्प तैयार होगा। NCRTC ने हरियाणा सरकार को पत्र लिखकर रूट अलाइनमेंट पर अनुमोदन और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) की अनुमति मांगी है। प्रस्तावित कॉरिडोर लगभग 60 किलोमीटर लंबा होगा और इसे मौजूदा आरआरटीएस नेटवर्क से स्वतंत्र रूप से संचालित किया जाएगा, जिससे ट्रैफिक ओवरलैप की समस्या नहीं होगी।
इस कॉरिडोर पर कुल छह स्टेशन प्रस्तावित हैं:
गुरुग्राम: सेक्टर 29 (इफको चौक के पास)
फरीदाबाद: बाटा चौक और सेक्टर 85-86 चौराहा
नोएडा: सेक्टर 142-168 चौराहा
ग्रेटर नोएडा: सूरजपुर (जेवर एयरपोर्ट कॉरिडोर से संपर्क)
लाइन गुरुग्राम से शुरू होकर नोएडा-ग्रेटर नोएडा तक जाएगी और जेवर एयरपोर्ट तक seamless ट्रांजिट की सुविधा देगी।
NCRTC ने हरियाणा सरकार से आग्रह किया है कि परियोजना के त्वरित निष्पादन के लिए एक निगरानी समिति का गठन किया जाए, जिसमें राज्य और जिला प्रशासन के प्रतिनिधि शामिल हों। यह समिति योजनाओं की समीक्षा और समयबद्ध निर्णयों में सहायक होगी।
NCRTC का मानना है कि यह कॉरिडोर घनी आबादी और भारी ट्रैफिक वाले इलाकों से होकर गुजरेगा। इससे यात्रा का समय घटेगा, सड़क पर वाहनों का बोझ कम होगा और वायु गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। Delhi