केंद्र सरकार पेपर लीक रोकने के लिए कानून में संशोधन की तैयारी में है। फास्ट-ट्रैक कोर्ट, कड़ी सजा और परीक्षा माफिया पर सख्त कार्रवाई का प्रस्ताव।

New Delhi News : देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं और NEET विवाद के बीच केंद्र सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं से जुड़े कानून को और सख्त बनाने की तैयारी में है। सरकार मौजूदा एंटी-पेपर लीक कानून में संशोधन कर दोषियों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई का प्रावधान करने जा रही है। प्रस्तावित संशोधनों में सजा बढ़ाने, मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने तथा संगठित परीक्षा माफिया पर अधिक प्रभावी कानूनी कार्रवाई जैसे प्रावधान शामिल किए जा सकते हैं। सरकारी सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को इस विषय पर प्रस्तावित संशोधनों पर विचार किया। सरकार की योजना संशोधन विधेयक को संसद में पेश कर सार्वजनिक परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को और मजबूत करने की है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक संसद द्वारा इस संशोधन विधेयक को पारित किए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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पिछले कुछ महीनों में विभिन्न भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों ने लाखों अभ्यर्थियों को प्रभावित किया। NEET समेत कई परीक्षाओं को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए और विपक्ष ने संसद में भी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। सरकार का मानना है कि मौजूदा कानून को और प्रभावी बनाकर परीक्षा माफिया पर कड़ा शिकंजा कसना जरूरी है।
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सूत्रों के मुताबिक प्रस्तावित संशोधन में पेपर लीक और संगठित परीक्षा धोखाधड़ी के मामलों में अधिक कठोर सजा का प्रावधान किया जा सकता है। साथ ही ऐसे मामलों की शीघ्र सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों की व्यवस्था करने पर भी विचार किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षा प्रक्रिया से छेड़छाड़ करने वालों को जल्द और सख्त सजा मिले।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी युवाओं को संबोधित संदेश में कहा कि सरकार पेपर लीक के खिलाफ और कठोर कदम उठाने जा रही है। उन्होंने संकेत दिए कि नया विधायी ढांचा युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
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