राज्यसभा में भी विपक्ष ने अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर चर्चा की मांग उठाई। अमेरिकी कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क शून्य करने के प्रस्ताव को लेकर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया।मांगें न माने जाने पर विपक्षी दलों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

US Tariff Deal : अमेरिका-भारत ट्रेड डील को लेकर संसद के बजट सत्र में मंगलवार को जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग करते हुए लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जबकि राज्यसभा से विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया।
बता दें कि मंगलवार सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, लेकिन हंगामे के कारण यह महज 8 मिनट ही चल सकी। इसके बाद सदन को 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। दोपहर में दोबारा शुरू हुई कार्यवाही भी केवल 13 मिनट ही चल पाई। लगातार शोर-शराबे को देखते हुए लोकसभा स्पीकर ने सदन को दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया। स्पीकर ने विपक्षी सांसदों को चेतावनी देते हुए कहा कि नारेबाजी नियमों के खिलाफ है, लेकिन इसके बावजूद सदन में हंगामा जारी रहा।
बता दें कि सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने के लिए लोकसभा स्पीकर ने कांग्रेस और भाजपा सांसदों के साथ बैठक भी की, हालांकि इसका तत्काल कोई असर देखने को नहीं मिला।
बता दें कि राज्यसभा में भी विपक्ष ने अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर चर्चा की मांग उठाई। अमेरिकी कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क (Import Duty) शून्य करने के प्रस्ताव को लेकर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया। विपक्ष का कहना है कि इस फैसले से देश के किसानों को भारी नुकसान हो सकता है। मांगें न माने जाने पर विपक्षी दलों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
इस बीच, अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील को लेकर मंगलवार सुबह एनडीए संसदीय दल की बैठक हुई, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया गया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस समझौते को “अद्भुत और ऐतिहासिक” बताया।
वहीं कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने ट्रेड डील को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस का कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर में हुए सीजफायर की तरह ही इस ट्रेड डील की घोषणा भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुद्दे पर “हार मान ली है।” US Tariff Deal