हाईकोर्ट की ओर से नोटिस जारी होने और पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट मांगे जाने के बाद इस मामले में अगली कार्रवाई पर नजर है। आखिर सड़क निरीक्षण के दौरान ऐसा क्या हुआ था और पुलिस की जांच अब तक कहां पहुंची है? जानिए थप्पड़ कांड से जुड़ा पूरा मामला।

Delhi News : दिल्ली के चर्चित थप्पड़ कांड ने अब अदालत का रुख कर लिया है। पश्चिमी दिल्ली में सड़क निरीक्षण के दौरान एक युवक को थप्पड़ मारने के आरोपों से जुड़े मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने उपमुख्यमंत्री एवं पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। आम आदमी पार्टी से जुड़े साहिब सिंह की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस सचिन दत्ता ने पुलिस से मामले की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी। साहिब सिंह ने अपनी याचिका में घटना की स्वतंत्र जांच कराने, खुद और अपने परिवार के लिए पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा सीसीटीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की है। वहीं, मामले में प्रतिवादी पक्ष की ओर से याचिका की पोषणीयता पर भी सवाल उठाया गया है। Delhi News
मामला 27 सितंबर का है। पश्चिमी दिल्ली के तिलक नगर इलाके में सड़क निर्माण कार्य के निरीक्षण के दौरान प्रवेश वर्मा और साहिब सिंह के बीच विवाद होने की बात सामने आई थी। साहिब सिंह का आरोप है कि इसी दौरान उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें थप्पड़ मारा गया। याचिका में यह भी कहा गया है कि घटना से जुड़े साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच हो। इस घटना के बाद दिल्ली की राजनीति में भी आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए थे। पुलिस ने साहिब सिंह की शिकायत के आधार पर प्रवेश वर्मा के खिलाफ गैर-संज्ञेय रिपोर्ट (NCR) दर्ज की थी। इसी घटनाक्रम से जुड़ी एक अलग शिकायत पर तिलक नगर से आप विधायक जरनैल सिंह के खिलाफ भी पुलिस कार्रवाई हुई थी। Delhi News
घटना को लेकर प्रवेश वर्मा की ओर से कहा गया था कि युवक ने उनके परिवार को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसके बाद विवाद बढ़ा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि सड़क निर्माण और पीडब्ल्यूडी के काम को लेकर उन पर तथा अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा था। हालांकि, थप्पड़ मारने के मामले में उन्होंने यह भी कहा था कि जो हुआ, वह नहीं होना चाहिए था। हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में साहिब सिंह ने घटना की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की है। उन्होंने अपने और परिवार के लिए सुरक्षा तथा सीसीटीवी और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग भी की है। कोर्ट ने फिलहाल दिल्ली पुलिस से मामले की स्थिति स्पष्ट करने वाली रिपोर्ट मांगी है। Delhi News
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