दिल्ली सरकार पर कांग्रेस का तीखा हमला
कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री पर तालकटोरा स्टेडियम में करोड़ों रुपये खर्च कर कार्यक्रम आयोजित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि होली-दिवाली मुफ्त सिलेंडर, लखपति बिटिया योजना और पिंक कार्ड जैसी घोषणाओं के लिए बड़े खर्च किए गए।

Congress's sharp attack on BJP : दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने दिल्ली सरकार की हालिया घोषणाओं पर गंभीर सवाल उठाते हुए उस पर जमीनी हकीकत से कोसों दूर जाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने सरकार पर 'प्रचार और छवि चमकाने की राजनीति' का ठप्पा लगाते हुए कहा कि होली और दिवाली पर मुफ्त गैस सिलेंडर देने का वादा पूरा करने में सरकार को एक साल लग गया, वह भी अधूरी तैयारी के साथ।
मुफ्त सिलेंडर की 'सियासी बाजीगरी'
देवेन्द्र यादव ने सवाल उठाया कि सरकार केवल उन्हीं परिवारों को मुफ्त सिलेंडर देगी, जिनके पास वैध राशन कार्ड हैं। उन्होंने कहा, "सरकार 15.50 लाख राशन कार्ड धारक परिवारों को लाभ देने की बात कर रही है, जबकि दिल्ली में 17 लाख से अधिक राशन कार्ड धारक परिवार हैं और लाखों परिवारों का सत्यापन अभी भी लंबित है।" उन्होंने मांग की कि सरकार को पहले 500 रुपये में सब्सिडी वाला सिलेंडर देने का अपना वादा पूरा करना चाहिए।
'करोड़ों खर्च कर आयोजन, लेकिन जमीन पर कुछ नहीं'
कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री पर तालकटोरा स्टेडियम में करोड़ों रुपये खर्च कर कार्यक्रम आयोजित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि होली-दिवाली मुफ्त सिलेंडर, लखपति बिटिया योजना और पिंक कार्ड जैसी घोषणाओं के लिए बड़े खर्च किए गए, लेकिन यह सब सिर्फ प्रचार और छवि चमकाने की राजनीति है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि महिलाओं को 2500 रुपये मासिक देने का वादा पूरी तरह से भुला दिया गया है।
लखपति बिटिया योजना पर बड़ा सवाल
देवेंद्र यादव ने 'लखपति बिटिया योजना' की पोल खोलते हुए कहा कि यह पुरानी 'लाडली योजना' का ही नया नाम है। उन्होंने सवाल किया, "21 वर्ष की आयु पर एक लाख रुपये देने की बात कही जा रही है, लेकिन दिल्ली विश्वविद्यालय में बी.टेक या बी.बी.ए जैसे कोर्स की एक वर्ष की फीस ही 50 हजार रुपये से अधिक है। क्या एक लाख रुपये में उच्च शिक्षा संभव है?"
उन्होंने आय सीमा को भी चुनौती देते हुए कहा, "योजना की आय सीमा 1.20 लाख रुपये सालाना रखी गई है, जबकि अकुशल श्रमिक का न्यूनतम वेतन 18,456 रुपये प्रतिमाह (सालाना 2.21 लाख रुपये से अधिक) है। ऐसे में यह शर्त पूरी तरह अव्यावहारिक और भ्रामक है।"
पिंक कार्ड: चार महीने बाद भी 'अधूरा सपना'
महिलाओं को DTC बसों में मुफ्त यात्रा के लिए 'पिंक कार्ड' की घोषणा को हुए चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक कार्ड जारी नहीं हो पाए हैं। यादव ने आरोप लगाया कि सरकार अब सामान्य यात्रियों के लिए ब्लू और ऑरेंज स्मार्ट कार्ड की बात कर रही है, जिससे पिंक कार्ड की नीयत पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले एक वर्ष में बसों की संख्या बढ़ने के बजाय घटी है, जिससे यात्रियों को भीषण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। Congress's sharp attack on BJP
Congress's sharp attack on BJP : दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने दिल्ली सरकार की हालिया घोषणाओं पर गंभीर सवाल उठाते हुए उस पर जमीनी हकीकत से कोसों दूर जाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने सरकार पर 'प्रचार और छवि चमकाने की राजनीति' का ठप्पा लगाते हुए कहा कि होली और दिवाली पर मुफ्त गैस सिलेंडर देने का वादा पूरा करने में सरकार को एक साल लग गया, वह भी अधूरी तैयारी के साथ।
मुफ्त सिलेंडर की 'सियासी बाजीगरी'
देवेन्द्र यादव ने सवाल उठाया कि सरकार केवल उन्हीं परिवारों को मुफ्त सिलेंडर देगी, जिनके पास वैध राशन कार्ड हैं। उन्होंने कहा, "सरकार 15.50 लाख राशन कार्ड धारक परिवारों को लाभ देने की बात कर रही है, जबकि दिल्ली में 17 लाख से अधिक राशन कार्ड धारक परिवार हैं और लाखों परिवारों का सत्यापन अभी भी लंबित है।" उन्होंने मांग की कि सरकार को पहले 500 रुपये में सब्सिडी वाला सिलेंडर देने का अपना वादा पूरा करना चाहिए।
'करोड़ों खर्च कर आयोजन, लेकिन जमीन पर कुछ नहीं'
कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री पर तालकटोरा स्टेडियम में करोड़ों रुपये खर्च कर कार्यक्रम आयोजित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि होली-दिवाली मुफ्त सिलेंडर, लखपति बिटिया योजना और पिंक कार्ड जैसी घोषणाओं के लिए बड़े खर्च किए गए, लेकिन यह सब सिर्फ प्रचार और छवि चमकाने की राजनीति है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि महिलाओं को 2500 रुपये मासिक देने का वादा पूरी तरह से भुला दिया गया है।
लखपति बिटिया योजना पर बड़ा सवाल
देवेंद्र यादव ने 'लखपति बिटिया योजना' की पोल खोलते हुए कहा कि यह पुरानी 'लाडली योजना' का ही नया नाम है। उन्होंने सवाल किया, "21 वर्ष की आयु पर एक लाख रुपये देने की बात कही जा रही है, लेकिन दिल्ली विश्वविद्यालय में बी.टेक या बी.बी.ए जैसे कोर्स की एक वर्ष की फीस ही 50 हजार रुपये से अधिक है। क्या एक लाख रुपये में उच्च शिक्षा संभव है?"
उन्होंने आय सीमा को भी चुनौती देते हुए कहा, "योजना की आय सीमा 1.20 लाख रुपये सालाना रखी गई है, जबकि अकुशल श्रमिक का न्यूनतम वेतन 18,456 रुपये प्रतिमाह (सालाना 2.21 लाख रुपये से अधिक) है। ऐसे में यह शर्त पूरी तरह अव्यावहारिक और भ्रामक है।"
पिंक कार्ड: चार महीने बाद भी 'अधूरा सपना'
महिलाओं को DTC बसों में मुफ्त यात्रा के लिए 'पिंक कार्ड' की घोषणा को हुए चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक कार्ड जारी नहीं हो पाए हैं। यादव ने आरोप लगाया कि सरकार अब सामान्य यात्रियों के लिए ब्लू और ऑरेंज स्मार्ट कार्ड की बात कर रही है, जिससे पिंक कार्ड की नीयत पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले एक वर्ष में बसों की संख्या बढ़ने के बजाय घटी है, जिससे यात्रियों को भीषण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। Congress's sharp attack on BJP












