प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बुधवार को बताया कि सरकार की 'आपका पैसा, आपका अधिकार' पहल के तहत अब तक लगभग 2,000 करोड़ रुपये उनके असली मालिकों को वापस किए जा चुके हैं। यह पहल अक्टूबर 2025 में शुरू की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को उनके भूले हुए फाइनेंशियल एसेट्स वापस दिलाना है।

प्रधानमंत्री ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह आंदोलन यह सुनिश्चित करने के लिए शुरू किया गया है कि हर नागरिक वह वापस पा सके जो उसका हक है। पीएम मोदी ने आगे कहा, "यह एक भूले हुए फाइनेंशियल एसेट्स को एक नए मौके में बदलने का अवसर है।"
बता दें कि प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि देश के विभिन्न वित्तीय संस्थानों में जनता के पैसे का एक बड़ा हिस्सा बिना दावे का पड़ा हुआ है। भारतीय बैंकों के पास करीब 78,000 करोड़ रुपये का अनक्लेम्ड पैसा जमा है, जबकि इंश्योरेंस कंपनियों के पास लगभग 14,000 करोड़ रुपये और म्यूचुअल फंड कंपनियों के पास 3,000 करोड़ रुपये की राशि बिना किसी दावे के पड़ी हुई है। इसके अलावा, 9,000 करोड़ रुपये का डिविडेंड भी अनक्लेम्ड है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन आंकड़ों ने कई लोगों को चौंका दिया है, क्योंकि ये सभी पैसे अनगिनत परिवारों की मेहनत की कमाई और निवेश हैं।
केंद्र सरकार और नियामक संस्थाओं ने इस रिक्लेम प्रक्रिया को और आसान और पारदर्शी बनाने के लिए खास पोर्टल्स बनाए हैं। इन पोर्टल्स के जरिए लोग अपने फाइनेंशियल एसेट्स को ट्रैक कर सकते हैं और उनका दावा कर सकते हैं।
निम्नलिखित प्रमुख पोर्टल्स लॉन्च किए गए हैं:
प्रधानमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि इस पहल के तहत देश के 477 जिलों में विशेष सुविधा शिविर आयोजित किए गए हैं। इनमें ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया है, खासकर उन क्षेत्रों में जो दूरदराज हैं, ताकि अधिकतम लोगों तक यह लाभ पहुंच सके।
इस पहल के माध्यम से अब तक करीब 2,000 करोड़ रुपये नागरिकों को वापस कर दिए गए हैं। पीएम मोदी ने विशेष पोर्टल्स और शिविरों का इस्तेमाल करते हुए लोगों को उनके हक का दावा करने के लिए प्रोत्साहित किया है।