जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर दायर याचिकाओं पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। NEET Protest मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। CJI सूर्यकांत ने कहा- आंदोलन का मतलब लाठीचार्ज नहीं। जानें पूरी खबर।

Delhi News : जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर दायर याचिकाओं पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार संविधान के तहत सुरक्षित है और केवल आंदोलन होने के आधार पर पुलिस कार्रवाई को सही नहीं ठहराया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस कार्रवाई के लिए एक समान प्रोटोकॉल की जरूरत बताई और कहा कि प्रदर्शनकारियों तथा पुलिस दोनों को आत्म-अनुशासन बनाए रखना होगा। कोर्ट ने मामले से जुड़ी सभी याचिकाओं पर आगे की सुनवाई मंगलवार को तय की है।
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CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन का अधिकार महत्वपूर्ण है। सिर्फ इस आधार पर कि कोई आंदोलन चल रहा है, पुलिस बल प्रयोग को उचित नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रदर्शन के दौरान यदि कोई हिंसा या असामाजिक गतिविधि होती है तो उससे निपटने के लिए कानून के अनुसार कदम उठाए जा सकते हैं, लेकिन पुलिस कार्रवाई के लिए स्पष्ट नियम और प्रक्रिया होनी चाहिए।
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यह मामला 20 जुलाई को जंतर-मंतर से निकाले गए संसद मार्च से जुड़ा है। प्रदर्शनकारी कथित NEET पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी, जिसके बाद पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए गए। याचिकाकर्ताओं की ओर से आरोप लगाया गया कि प्रदर्शनकारियों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया गया। याचिकाओं में पुलिस और सुरक्षा बलों की कार्रवाई की जांच, एफआईआर और अन्य राहतों की मांग की गई है।
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सुनवाई के दौरान पुलिसकर्मियों की ओर से पेश वकीलों ने भी अपना पक्ष रखने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे और उनकी बात को भी सुना जाना चाहिए। पीठ ने स्पष्ट किया कि हर व्यक्ति के जीवन का महत्व है, चाहे वह प्रदर्शनकारी हो या पुलिसकर्मी। अदालत ने मामले में दोनों पक्षों को सुनने की बात कही। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिए कि देशभर में विरोध-प्रदर्शनों को संभालने के लिए एक समान दिशा-निर्देशों की जरूरत हो सकती है। कोर्ट ने कहा कि लोकतंत्र में प्रदर्शन का अधिकार और कानून-व्यवस्था बनाए रखना दोनों जरूरी हैं।
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जंतर-मंतर प्रदर्शन और कथित पुलिस कार्रवाई का मामला संसद में भी पहुंच चुका है। विपक्षी सांसदों ने छात्रों के खिलाफ कथित बल प्रयोग और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले से जुड़ी सभी याचिकाओं को मंगलवार को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है। अब अदालत आगे यह तय करेगी कि मामले में जांच, दिशा-निर्देश या अन्य किसी तरह की कार्रवाई की जरूरत है या नहीं।
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