
Parvesh Verma: दिल्ली के पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा (Parvesh Verma)ने दिल्ली के अधिकारियों के रवैये पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 सालों में अधिकारियों की खाल इतनी मोटी हो गई है कि अब उनकी हर गतिविधि को मॉनिटर करना जरूरी हो गया है। वर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि वे खुद जमीन पर उतरकर कामों का निरीक्षण कर रहे हैं और अधिकारियों को भी अब उनकी जिम्मेदारियों का एहसास दिलाया जाएगा। उनका कहना था कि अधिकारियों को यह नहीं पसंद आता कि उनकी कार्यप्रणाली पर निगरानी रखी जाए, लेकिन वे यह काम करेंगे और जहाँ भी समस्या होगी, वह उसे ठीक करेंगे।
प्रवेश वर्मा(Parvesh Verma) ने समर एक्शन प्लान को लेकर भी अपनी रणनीति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि सरकार हर तीसरे दिन इस योजना की समीक्षा बैठक कर रही है और पिछले बैठकों में कितना क्रियान्वन हुआ है, यह देखा जा रहा है। वे हर पहलू की समीक्षा कर रहे हैं और सभी प्रक्रियाओं को ऑनलाइन करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि पूरी दिल्ली को मॉनिटर किया जा सके। उन्होंने कहा कि अधिकारी चाहते हैं कि उनका काम बिना निगरानी के चले, लेकिन वे इसे नहीं होने देंगे और हर कदम पर कड़ी निगरानी रखेंगे। उनका कहना था कि अधिकारियों का रवैया अब तक नहीं बदला है और यही कारण है कि समस्याएं बनी हुई हैं।
प्रवेश वर्मा(Parvesh Verma) का यह बयान दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता द्वारा भेजे गए पत्र पर आया, जिसमें उन्होंने दिल्ली के अधिकारियों के रवैये पर चिंता जताई थी। गुप्ता ने पत्र में कहा था कि सरकारी अधिकारी उनका फोन नहीं उठाते, उनके पत्रों का जवाब नहीं देते और उनके संदेशों को नजरअंदाज करते हैं। गुप्ता का यह भी कहना था कि दिल्ली में सत्ता परिवर्तन के बाद भी अधिकारियों का रवैया नहीं बदला है और वे अपनी कार्यशैली में कोई सुधार नहीं दिखा रहे हैं। इस पत्र के बाद वर्मा ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि अब उनका पसीना बहाना पड़ेगा, ताकि उनकी कार्यप्रणाली में सुधार हो सके।
इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी ने भी बीजेपी पर पलटवार किया। पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जब आम आदमी पार्टी अधिकारियों की शिकायत करती थी, तब बीजेपी उन अधिकारियों की मदद करती थी। अब जब बीजेपी सत्ता में आ गई है, तो वही अधिकारी उन्हें परेशान कर रहे हैं। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि बीजेपी ने कभी इन अधिकारियों की मदद से दिल्ली सरकार के काम को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन अब वही अधिकारी बीजेपी के लिए समस्या बन गए हैं।
इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि दिल्ली सरकार और बीजेपी के बीच अधिकारियों के रवैये को लेकर तनातनी जारी है, और यह सियासी पेंच भविष्य में और भी गहरे हो सकते हैं।Parvesh Verma: