आम आदमी पार्टी (आप) के नेता तथा राज्यसभा के सांसद राघव चड्ढा बड़ी चर्चा का विषय बन गए हैं। ‘आप’ के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। खबर यह है कि राघव चड्ढा का आप से मोह भंग हो चुका है।

Delhi News : आम आदमी पार्टी (आप) के नेता तथा राज्यसभा के सांसद राघव चड्ढा बड़ी चर्चा का विषय बन गए हैं। ‘आप’ के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। खबर यह है कि राघव चड्ढा का आप से मोह भंग हो चुका है। राघव चड्ढा की बात भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेताओं के साथ चल रही है। यह बातचीत पूरी होते ही आप के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो जाएंगे।
आपको बता दें कि आम आदमी पार्टी (आप) की तरफ से राघव चड्ढा राज्यसभा में आप के उप नेता के पद पर तैनात थे। आप के राष्ट्रीय नेतृत्व ने राघव चड्ढा को उप नेता के पद से हटा दिया है। पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा ने इसे अपना अपमान बताकर तीखी प्रतिक्रिया दी। राघव चड्ढा की प्रतिक्रया आने के बाद आम आदमी पार्टी राघव चड्ढा के विरूद्ध हमलावर हो गई। आप के हर छोटे-बड़े नेता ने राघव चड्ढा के विरूद्ध मोर्चा खोल दिया है। आप के नेता राघव चड्ढा को भाजपा का एजेंट बता रहे हैं।
आम आदमी पार्टी के नेताओं के बयानों के बीच आप के बड़े नेता तथा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी राघव चड्ढा के विरूद्ध बड़ा बयान दिया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राघव चड्ढा को कम्प्रोमाइज्ड नेता करार दिया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पार्टी में संसदीय बोर्ड के नेता समय-समय पर बदलते रहते हैं और यह एक सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि साल 2014 से 2019 के बीच उन्होंने भी डॉक्टर धर्मवीर गांधी की जगह ली थी। भगवंत मान ने कहा कि कई गंभीर मुद्दे ऐसे होते हैं, जिन पर पार्टी उम्मीद करती है कि सांसद वॉकआउट करें या अपनी आवाज उठाएं। उन्होंने कहा कि जब कोई सांसद ऐसा नहीं करता है, तब ये व्हिप का उल्लंघन होता है। व्हिप का उल्लंघन करने के लिए बाद में कार्रवाई की जाती है। भगवंत मान ने कहा कि पश्चिम बंगाल में मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाने का मामला हो या गुजरात में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी का, राघव चड्ढा ने इनकी बजाय संसद की कैंटीन में समोसे महंगे होने और पिज्जा की डिलीवरी में देरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है, वह कम्प्रोमाइज्ड हैं।
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी राघव चड्ढा के ऊपर आग बबूला हो गई हैं। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी ने कहा है कि राघव चड्ढा, पीएम मोदी की गोद में बैठे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा किसी भी मुद्दे पर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बोलने से डरते हैं। आतिशी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए टीएमसी की ओर से लाए गए महाभियोग पर हस्ताक्षर करने से राघव ने इनकार कर दिया। विपक्ष ने जब वॉकआउट किया, वह सदन में बैठे रहे। उन्होंने दावा किया कि राघव चड्ढा ने एलपीजी संकट का मुद्दा संसद में उठाने से इनकार कर दिया। एक सवाल के जवाब में आतिशी ने कहा कि पार्टी ने उनको संदेह का लाभ दिया था। हमें लगा था कि शायद उनकी आंखों में समस्या है और वह डर के कारण पीछे नहीं हट रहे। उन्होंने कहा कि पीएम से टकराने की जरूरत जब भी पड़ी, राघव पीछे हट गए। उन्होंने एक अन्य सवाल पर कहा कि राघव को अगर आम आदमी की चिंता होती, तो वह एलपीजी संकट पर बोलते।
आतिशी ने राघव चड्ढा के खिलाफ एक्शन पर कहा कि यह एक प्रक्रिया के तहत होता है। किसी व्यक्ति को एक निश्चित अवधि के लिए चुना जाता है। उन्होंने कहा कि यह पार्टी या दोस्ती का मामला नहीं है। यह इस बात का सवाल है कि लोकतंत्र पर हमले के खिलाफ कौन खड़ा होता है। गौरतलब है कि सीएम भगवंत मान और पूर्व सीएम आतिशी के पहले सौरभ भारद्वाज, संजय सिंह जैसे नेताओं ने भी राघव चड्ढा पर हमला बोला था। Delhi News