76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य परेड में इस बार कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रहे।

Delhi News : 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर इस बार कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रहे है। बता दें कि स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) समारोह में उनकी अनुपस्थिति को लेकर पिछले दिनों काफी आलोचना हुई थी, ऐसे में गणतंत्र दिवस पर उनकी मौजूदगी को राजनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है। सफेद टी-शर्ट में नजर आए राहुल गांधी परेड के दौरान झांकियों को बड़े ध्यान से देखते दिखे। उनके आसपास केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मौजूद थीं। समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई गणमान्य हस्तियों ने शिरकत की।
बता दें कि गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। इसके अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन समेत कई केंद्रीय मंत्री और वीआईपी हस्तियां मौजूद रहीं।
बता दें कि राहुल गांधी को लेकर अक्सर यह आलोचना होती रही है कि वे संसद और राष्ट्रीय आयोजनों की तुलना में विदेशी दौरों को प्राथमिकता देते हैं। 15 अगस्त समारोह में शामिल न होने के कारण भी उन्हें विपक्ष और सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।
इस बार परेड में सीआरपीएफ की सहायक कमांडेंट सिमरन बाला ने अर्धसैनिक बलों की पुरुष टुकड़ी की मार्चपास्ट का नेतृत्व कर इतिहास रच दिया। जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में जन्मीं सिमरन बाला ने भारत के सबसे बड़े अर्धसैनिक बल की 147 कर्मियों की टुकड़ी की कमान संभाली।
गणतंत्र दिवस समारोह की थीम बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित ‘वंदे मातरम’ रही। परेड के निमंत्रण पत्र में भी वंदे मातरम का लोगो शामिल किया गया था, जिसे वॉटरमार्क के रूप में दर्शाया गया।
कर्तव्य पथ पर कुल 30 झांकियां प्रदर्शित की गईं, जिनमें 17 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों और 13 मंत्रालयों की झांकियां शामिल थीं। विजिटर्स गैलरी के नाम भारत की प्रमुख नदियों—गंगा, यमुना, कृष्णा, नर्मदा और पेरियार—के नाम पर रखे गए। समारोह का सबसे रोमांचक क्षण तब आया जब ऑपरेशन सिंदूर में पराक्रम दिखा चुका राफेल लड़ाकू विमान 900 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरते हुए कर्तव्य पथ के ऊपर से गुज़रा और चार्ली फॉर्मेशन बनाई। Delhi News