राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है। SIR, वोट चोरी के आरोप और INDIA गठबंधन के विरोध से राष्ट्रीय राजनीति में हलचल बढ़ी। जानिए पूरे विवाद की वजह और आगे क्या होगा।

Delhi News : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर अपना विरोध तेज कर दिया है। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी विवाद के बीच राहुल गांधी तथा विपक्षी INDIA गठबंधन के नेताओं ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई है। इस पूरे घटनाक्रम ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। राहुल गांधी के नाम से सोशल मीडिया पर प्रसारित इस संदेश में कहा जा रहा है कि ज्ञानेश कुमार को जाना ही पड़ेगा और देश में लोकतंत्र पहले भी था, आज भी है और आगे भी रहेगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का विरोध मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण और कथित वोट चोरी के आरोपों से जुड़ा है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े हुए हैं। कांग्रेस और INDIA गठबंधन के नेता इन आरोपों की जांच तथा मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। Delhi News
9 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गांधी ने संसद के सेंट्रल हॉल में INDIA गठबंधन के सांसदों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के ऐतिहासिक भाषण ‘ट्रिस्ट विद डेस्टिनी’ के अंश भी पढ़े। रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल गांधी ने कहा कि मामला केवल ज्ञानेश कुमार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए मौजूदा सरकार को भी जाना होगा। उन्होंने विपक्ष की ओर से लोकतंत्र और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा का मुद्दा उठाया। इसी दिन विपक्षी INDIA गठबंधन के 10 नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने और मतदाता सूची में गड़बड़ियों की जांच की मांग से संबंधित ज्ञापन सौंपा। राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के बाद कहा कि राष्ट्रपति ने विपक्ष से अपने आरोपों के समर्थन में सबूत मांगे हैं। Delhi News
राहुल गांधी इससे पहले भी सोशल मीडिया पर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर चुके हैं। 6 अक्टूबर 2026 को राहुल गांधी ने X पर लिखा था, “Gyanesh, it's done, bro. Time to resign.” इसके अलावा, 7 अक्टूबर को उन्होंने विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन के संदर्भ में कहा था कि मार्च को रोका जा सकता है और बैठक से इनकार किया जा सकता है, लेकिन जनता की इच्छाशक्ति को नहीं रोका जा सकता। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक विरोध जारी रखने की बात भी कही थी। इन बयानों से स्पष्ट है कि राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन ने चुनाव आयोग की जवाबदेही तथा मतदाता सूची के मुद्दे को अपने राजनीतिक अभियान का प्रमुख हिस्सा बनाया है। Delhi News
राहुल गांधी और कांग्रेस इस विवाद को केवल एक संवैधानिक पदाधिकारी के इस्तीफे का मामला नहीं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही से जुड़ा विषय बता रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और निर्वाचन आयोग को जनप्रतिनिधियों के सवालों का जवाब देना चाहिए। Delhi News
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