दिवाली पर मिठाइयों की खुशबू में रंगे राहुल गांधी, खुद बनाए लड्डू और इमरती
दिल्ली
RP Raghuvanshi
30 Nov 2025 04:07 PM
कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने इस दिवाली के अवसर पर एक अनोखा तरीका अपनाया और पुरानी दिल्ली स्थित ऐतिहासिक घंटेवाला मिठाई की दुकान पर पहुंचकर मिठाई बनाने का अनुभव लिया। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ इमरती बल्कि बेसन के लड्डू भी बनाए। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने इस अनुभव को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा, “पुरानी दिल्ली की मशहूर और ऐतिहासिक घंटेवाला मिठाई की दुकान पर इमरती और बेसन के लड्डू बनाने में हाथ आजमाया। सदियों पुरानी इस प्रतिष्ठित दुकान की मिठास आज भी वही है – खालिस, पारंपरिक और दिल को छू लेने वाली। दीपावली की असली मिठास सिर्फ थाली में नहीं, बल्कि रिश्तों और समाज में भी होती है।” Rahul Gandhi
वह घंटेवाला मिठाई की दुकान में मिठाई बनाने की प्रक्रिया को देखकर न सिर्फ उत्साहित हुए, बल्कि दुकान के मालिक से इमरती के इतिहास के बारे में भी सवाल पूछे। इस दौरान राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने यह भी पूछा कि उनकी दिवाली कैसे मनाई जा रही है और इसे खास बनाने के लिए लोग क्या खास कदम उठा रहे हैं।
पुरानी दिल्ली की घंटेवाला मिठाई की दुकान 237 साल पुरानी है और यह एक ऐतिहासिक स्थल बन चुकी है। यहां के ग्राहकों में पंडित नेहरू से लेकर राजीव गांधी तक शामिल रहे हैं। यह दुकान खासतौर पर अपनी पारंपरिक मिठाइयों के लिए मशहूर है। एक दिलचस्प किस्सा तो यह है कि राजीव गांधी की शादी के मौके पर भी मिठाइयां यहीं से भेजी गई थीं। दुकान के मालिक ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से हंसी मजाक करते हुए यह भी कहा कि अब उनकी शादी का इंतजार है और मिठाई का ऑर्डर हमें देना।
इस दुकान का नाम घंटेवाला इसके संस्थापक लाला सुखलाल जैन से जुड़ा हुआ है। मूल रूप से आमेर के रहने वाले लाला सुखलाल ने मिठाइयों का कारोबार ठेले से शुरू किया था। वह गली-गली में मिठाई पहुंचाने के लिए हाथ में घंटी बजाते थे, जिससे उनका नाम 'घंटेवाला' पड़ा। उनकी मिठाइयों का स्वाद इतना लोकप्रिय हुआ कि लोग उन्हें इसी नाम से पुकारने लगे।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) का दिवाली का संदेश
कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने इस पोस्ट में बताया कि दिवाली की असली मिठास सिर्फ खाने में नहीं, बल्कि रिश्तों और समाज में भी होती है। उनके इस संदेश से यह स्पष्ट होता है कि वह इस त्यौहार को पारंपरिक और सामाजिक रूप से जुड़ने का एक मौका मानते हैं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) का यह कदम दर्शाता है कि वह अपनी दिवाली को आम लोगों के साथ बांटने और पारंपरिक भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ने में विश्वास रखते हैं। इस बार उन्होंने दिवाली के इस खास मौके पर पुरानी दिल्ली की खुशबू और मिठास को महसूस किया और इसे सोशल मीडिया के जरिए सभी से साझा किया।