महीनों से समुद्र में भटक रहे रूसी तेल जहाज भारत लौटे, सप्लाई कटने का डर खत्म?

अमेरिकी प्रतिबंधों और व्यापारिक दबाव के चलते भारतीय रिफाइनरियां रूसी तेल की खरीद कम कर रही थीं। इस वजह से रूस को चीन में नए खरीदार तलाशने पड़े थे। लेकिन ईरान युद्ध के बीच होर्मुज की खाड़ी के बंद होने की आशंका ने तस्वीर पालट दी है।

India-Russian oil ship oil
भारत ने फिर उठाया रूसी तेल का सहारा (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar05 Mar 2026 08:06 PM
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Russian oil ship India : मध्य-पूर्व में ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी जंग ने वैश्विक तेल व्यापार की दिशा ही बदल दी है। अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष के बीच, महीनों से भारतीय समुद्री क्षेत्र के पास भटक रहे रूसी तेल जहाजों को अचानक नई राह मिली है। जहाज ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, जो रूसी कार्गो जहाज पहले पूर्वी एशिया का रुख कर रहे थे, उन्होंने अपना रास्ता बदलकर भारत की ओर रुख कर लिया है। इसका सीधा मतलब है कि मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत एक बार फिर रूसी कच्चे तेल की खरीद बढ़ाने की राह पर अग्रसर है।

जाने कैसे बदला खेल?

पिछले कुछ महीनों से अमेरिकी प्रतिबंधों और व्यापारिक दबाव के चलते भारतीय रिफाइनरियां रूसी तेल की खरीद कम कर रही थीं। इस वजह से रूस को चीन में नए खरीदार तलाशने पड़े थे। लेकिन ईरान युद्ध के बीच होर्मुज की खाड़ी के बंद होने की आशंका ने तस्वीर पालट दी है। तेल की आपूर्ति में कमी की आशंका से घिरे भारत ने रणनीति बदली है और रूसी सप्लायर्स को फिर से मौका मिला है।

भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचे जहाज

तेल टैंकरों पर नजर रखने वाली कंपनियों Kpler और Vortexa के आंकड़ों के मुताबिक, रूसी 'यूराल' ग्रेड के करीब 14 लाख बैरल कच्चा तेल ले जा रहे दो बड़े टैंकर इस हफ्ते भारत पहुंच रहे हैं:

  1. ओड्यून (Odyun): 7.3 लाख बैरल तेल ले जा रहा यह सूएजमैक्स टैंकर बुधवार को ओडिशा के पारादीप बंदरगाह पर पहुंच गया है।
  2. मतारी (Matri): 7 लाख से ज्यादा बैरल तेल लेकर आ रहा यह अफ्रामैक्स टैंकर गुरुवार को गुजरात के वडिनार बंदरगाह पहुंचने वाला है।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, इन जहाजों ने पहले संकेत दिया था कि वे पूर्वी एशिया की ओर जा रहे हैं, लेकिन अचानक से उनकी दिशा भारत की ओर हो गई। एक अन्य टैंकर 'इंड्री' ने भी सिंगापुर का रुख करने के बाद अचानक मोड़ लेकर भारत की तरफ बढ़ना शुरू कर दिया। बता दें कि इन तीनों जहाजों को पिछले साल ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने प्रतिबंधित जहाजों की सूची में शामिल किया था।

रिफाइनरियों को जल्द मिलेगी राहत

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, मध्य-पूर्व में युद्ध के कारण तेल सप्लाई में रुकावट आने की आशंका के बीच रूस भारत को तेल भेजने के लिए पूरी तरह तैयार है। सूत्रों की मानें, तकरीबन 95 लाख बैरल रूसी कच्चा तेल ऐसे जहाजों में है जो भारतीय समुद्री क्षेत्र के पास पहुंच चुके हैं और कुछ हफ्तों के भीतर भारतीय बंदरगाहों पर उतारे जा सकते हैं।

इसे लेकर भारतीय रिफाइनरियों में राहत की लहर है, क्योंकि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल खरीदार और उपभोक्ता है। भारत के पास कच्चे तेल का भंडार महज 25 दिनों की मांग को ही पूरा कर सकता है। ऐसे में मध्य-पूर्व के संकट के बीच रूसी तेल का यह बैकअप भारत के लिए रणनीतिक तौर पर बहुत अहम साबित हो रहा है। Russian oil ship India

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फिनलैंड के राष्ट्रपति के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में PM मोदी ने दिया शांति का बड़ा संदेश

पीएम मोदी ने कहा, "हम इस बात से सहमत हैं कि कोई भी मुद्दा सिर्फ़ मिलिट्री लड़ाई से हल नहीं हो सकता। चाहे यूक्रेन हो या वेस्ट एशिया, हम लड़ाई को जल्दी खत्म करने और शांति बहाल करने की हर कोशिश का सपोर्ट करते रहेंगे।" उन्होंने कहा कि भारत और फिनलैंड दोनों ही 'रूल ऑफ लॉ' और संवाद में विश्वास रखते हैं।

Prime Minister Narendra Modi Delhi
PM मोदी और फिनलैंड के राष्ट्रपति की ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar05 Mar 2026 04:58 PM
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PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के बीच हुई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में आज कई बड़ी घोषणाएं की गईं। इस दौरान पीएम मोदी ने वैश्विक शांति और कूटनीति पर जोर देते हुए एक स्पष्ट संदेश दिया कि कोई भी मुद्दा केवल सैन्य बल या संघर्ष से हल नहीं हो सकता।

युद्ध से नहीं, संवाद से होगा समाधान

पीएम मोदी ने कहा, "हम इस बात से सहमत हैं कि कोई भी मुद्दा सिर्फ़ मिलिट्री लड़ाई से हल नहीं हो सकता। चाहे यूक्रेन हो या वेस्ट एशिया, हम लड़ाई को जल्दी खत्म करने और शांति बहाल करने की हर कोशिश का सपोर्ट करते रहेंगे।" उन्होंने कहा कि भारत और फिनलैंड दोनों ही 'रूल ऑफ लॉ' और संवाद में विश्वास रखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बढ़ती वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक संस्थाओं (Global Institutions) में सुधार करना अब न केवल आवश्यक हो गया है, बल्कि यह अत्यंत तत्काल है। साथ ही, आतंकवाद को उसके सभी रूपों में खत्म करना दोनों देशों का साझा वादा है।

तकनीक और व्यापार में नई उड़ान: 6G और क्वांटम कंप्यूटिंग पर जोर

इस मौके पर दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग को लेकर भी बड़े कदम उठाए गए। पीएम मोदी ने घोषणा की कि साल 2026 की शुरुआत में होने वाला ऐतिहासिक भारत-यूरोपियन यूनियन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को और मजबूत करेगा। भारत और फिनलैंड अपने संबंधों को एक 'रणनीतिक साझेदारी' का रूप दे रहे हैं, जिसका केंद्र डिजिटलीकरण और सस्टेनेबिलिटी होगा। इस साझेदारी के तहत 6G टेलीकॉम, क्वांटम कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लीन एनर्जी जैसे हाई-टेक सेक्टरों में सहयोग को गति मिलेगी। पीएम मोदी ने कहा कि यह कदम दोनों देशों को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

छात्रों और प्रतिभाओं के लिए नए रास्ते

प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि फिनलैंड भारतीय छात्रों और प्रतिभाओं के लिए एक पसंदीदा गंतव्य (Preferred Destination) बनता जा रहा है। उन्होंने कहा, "दोनों देशों के इनोवेशन इको-सिस्टम को जोड़ने के लिए आज हमने फिनलैंड के साथ एक व्यापक माइग्रेशन एंड मोबिलिटी एग्रीमेंट किया है। इसके साथ ही हम जॉइंट रिसर्च एंड स्टार्टअप सहयोग को भी और मजबूत करने जा रहे हैं।" PM Modi

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'सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली' का संकल्प, राष्ट्रपति मुर्मू ने शुरू की तीन बड़ी योजनाएं

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारतीय परंपरा में नारी शक्ति और समृद्धि का प्रतीक रही है। उन्होंने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर, रानी लक्ष्मीबाई और सावित्रीबाई फुले जैसी महान महिलाओं का स्मरण कराते हुए कहा, “आधी आबादी को सशक्त किए बिना 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता।

President Murmu has given the name of Lakhpati daughter
राष्ट्रपति मुर्मू ने की तीन बड़ी योजनाओं का शुभारंभ (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar05 Mar 2026 03:40 PM
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Delhi News : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महिलाओं और बेटियों के उत्थान के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाओं का शुभारंभ किया। इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली’ कार्यक्रम में उन्होंने ‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना’, ‘सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड’ और त्योहारों पर निशुल्क गैस सिलेंडर योजना की शुरुआत कर दिल्ली की महिलाओं को बड़ी सौगात दी।

जमीनी स्तर पर दिखा असर, 100 करोड़ रुपये का हुआ हस्तांतरण

इस अवसर पर सरकार ने केवल घोषणाओं तक ही सीमित नहीं रहते हुए जमीनी स्तर पर भी बड़ा कदम उठाया। ‘लाडली योजना’ के तहत 40,642 बालिकाओं के खातों में 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे डीबीटी (DBT) के माध्यम से भेजी गई। यह कदम बेटियों की शिक्षा और उनके भविष्य को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। कार्यक्रम में उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

योजनाओं की विशेष झलक:

  • दिल्ली लखपति बिटिया योजना: इस योजना का उद्देश्य बेटियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इसके तहत बेटी के जन्म से लेकर स्नातक तक अलग-अलग चरणों में कुल 61 हजार रुपये जमा किए जाएंगे, जो ब्याज सहित परिपक्व होकर लगभग सवा लाख रुपये हो जाएंगे। इसके लिए 128 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।
  • सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड: महिलाओं की सुरक्षित और स्वतंत्र आवाजाही को ध्यान में रखते हुए यह कार्ड शुरू किया गया है, जिसे मुख्यमंत्री ने ‘गरिमा कार्ड’ (Dignity Card) बताया। यह डीटीसी बसों और अन्य सार्वजनिक परिवहन में उपयोगी साबित होगा।
  • मुफ्त गैस सिलेंडर: पात्र महिलाओं को होली और दिवाली पर मुफ्त गैस सिलेंडर मिलेंगे। इस योजना के लिए 130 करोड़ रुपये की राशि पहले ही डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में भेजी जा चुकी है।

राष्ट्रपति का संदेश: विकसित भारत के लिए महिला सशक्तिकरण जरूरी

अपने संबोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारतीय परंपरा में नारी शक्ति और समृद्धि का प्रतीक रही है। उन्होंने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर, रानी लक्ष्मीबाई और सावित्रीबाई फुले जैसी महान महिलाओं का स्मरण कराते हुए कहा, “आधी आबादी को सशक्त किए बिना 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता। जीवन रूपी रथ के दो पहिए- स्त्री और पुरुष, दोनों के समान रूप से मजबूत होने पर ही राष्ट्र आगे बढ़ सकता है।” उन्होंने दिल्ली सरकार की इन पहलों को महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का आभार

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस कार्यक्रम को नारी सम्मान और आत्मनिर्भरता का संकल्प बताया। उन्होंने कहा, “जब बेटी सशक्त होती है तो परिवार सशक्त होता है। राष्ट्रपति मुर्मू की उपस्थिति देश की बेटियों के लिए प्रेरणा है।” उन्होंने पूर्व में लंबित ‘लाडली योजना’ की राशि को लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डाला और ‘सशक्त नारी से समृद्ध दिल्ली’ के संकल्प को दोहराया।Delhi News

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