इस्तीफा दिल्ली की राजनीति में कई मायनों में महत्वपूर्ण है। आप के लिए यह सिग्नल है कि पार्टी-संगठन में स्थानीय नेताओं की भावना को नजरअंदाज करना भारी हो सकता है।

आम आदमी पार्टी के जाने माने नेता शोएब इकबाल ने आप पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों से इस्तीफा देने की घोषणा की है। इस्तीफा उस समय आया जब आप ने आगामी दिल्ली नगर निगम उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों की सूची घोषित की थी, और उनकी शिकायत यह है कि उनकी मर्जी के बगैर टिकट का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा है कि पार्टी अब अपने आंदोलन-विचारधारा से दूर चली गई है और जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर रही। मटिया महल व चांदनी महल इलाका जहाँ शोएब इकबाल का जनाधार माना जाता है। उनके बेटे आले मुहम्मद इकबाल वर्तमान में आप विधायक हैं। ऐसी स्थित में इकबाल का यह फैसला आप के लिए बेचैन करने वाली खबर है।
उनका कहना है कि पार्टी के कार्यक्रम, विचार-धारा और चुनावी प्रक्रिया मुझे संतुष्ट नहीं करती है। टिकट बंटवारे में स्थानीय नेताओं की भावनाओं को महत्व नहीं दिया गया, खासकर चांदनी महल वार्ड में। हालांकि आप पार्टी ने कहा कि उन्होंने उन 12 वार्डों के उपचुनाव के लिए उम्मीदवार-चयन में अपने कार्यकतार्ओं को मौका दिया है, किसी बाहरी या पैराशूट उम्मीदवार को नहीं। पार्टी का यह भी कहना है कि शोएब इकबाल ने अपनी ही मर्जी से अपने साले का नाम घोषित कर दिया था, जो संगठनात्मक प्रक्रिया के अनुरूप नहीं था।
यह इस्तीफा दिल्ली की राजनीति में कई मायनों में महत्वपूर्ण है। आप के लिए यह सिग्नल हो सकता है कि पार्टी-संगठन में स्थानीय नेताओं और कार्यकतार्ओं की भावना को नजरअंदाज करना भारी हो सकता है। मटिया महल / चांदनी महल क्षेत्र में इकबाल परिवार का जनाधार है; उनके जाने से आप को वहाँ वोट बैंक में ह्रास का खतरा हो सकता है। आगामी एमसीडी उपचुनावों में विपक्ष इसे आप की आंतरिक चुनौतियों के रूप में प्रचारित कर सकता है। आगे भी आप के अंदर असंतुष्टि की सम्भावना दिखती है। शोएब ने संकेत दिया है कि आगे भी कुछ बड़े घटनाक्रम हो सकते हैं। शोएब इकबाल का इस्तीफा सिर्फ एक नेता का जाना नहीं है बल्कि यह साफ संकेत है कि आप को अपने संगठनात्मक-निर्णय-प्रक्रियाओं, स्थानीय आधार के संयोजन और विचारधारा-प्रणाली को पुन: मूल्यांकन करना होगा। अगर नहीं किया गया, तो उपचुनावों में इसका परिणाम सामने आ सकता है।