
Shraddha murder case: दिल्ली के श्रद्धा हत्याकांड को लेकर जहां पुलिस द्वारा जांच पड़ताल की जा रही है, वहीं दूसरी ओर ये केस उलझता जा रहा है। ताजा अपडेट में सामने आया है कि वर्ष 2020 में श्रद्धा ने हत्यारोपी आफताब के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन पुलिस ने श्रद्धा की शिकायत पर क्यों कार्रवाई नहीं की, यहां जानिए क्या है वजह।
बुधवार की देर रात महाराष्ट्र पुलिस ने मीडिया को बताया कि 2020 में श्रद्धा वॉकर की एक शिकायत के आधार पर उन्होंने जांच शुरू की थी, लेकिन बाद में श्रद्धा ने लिखित बयान देकर मामला वापस ले लिया था। जिसकी वजह से मामला बंद कर दिया गया था।
मीरा भायंदर-वसई विरार (एमबीवीवी) के डीसीपी, सुहास बावचे ने कहा कि श्रद्धा ने अपने लिखित बयान में कहा था कि उनके और आफताब पूनावाला के बीच विवाद सुलझा लिया गया था। उस मामले में जो भी आवश्यक कार्रवाई की जानी थी, पुलिस ने उस समय की थी। शिकायतकर्ता श्रद्धा द्वारा दिए गए शिकायत की भी जांच की गई थी। जांच के बाद, श्रद्धा ने खुद लिखित बयान दिया कि कोई विवाद नहीं है।
डीसीपी सुहास बावचे ने आगे कहा कि श्रद्धा के दोस्त आफताब अमीन पूनावाले के माता-पिता ने भी विवाद सुलझाने के लिए उसे फुसलाया। उसने लिखित बयान दिया और उसके बाद मामला बंद कर दिया गया। 2020 में तुलिंज पुलिस स्टेशन में श्रद्धा ने शिकायत दर्ज की थी, जिसमें उसने अपनी आपबीती सुनाई कि कैसे आफताब पूनावाला उसके साथ मारपीट कर रहा है और प्रताड़ित कर रहा है।
श्रद्धा ने अपनी शिकायती पत्र में लिखा था कि आफताब उसे मार डालेगा और मेरे टुकड़े-टुकड़े कर देगा। ऐसा वो मुझे धमकी देता है। दो साल पहले 2020 में अपनी शिकायत पत्र में, श्रद्धा ने पुलिस को बताया कि आफताब ने मुझे मारने की कोशिश की' और यहां तक कि मुझे टुकड़े-टुकड़े करके फेंक देने' की धमकी भी दी।
इस बीच, महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि इस बात की जांच शुरू की जाएगी कि शिकायत पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मैंने पत्र देखा (2020 में पुलिस को श्रद्धा की शिकायत) और इसमें बहुत गंभीर आरोप हैं। हमें जांच करनी होगी कि कार्रवाई क्यों नहीं की गई। मैं किसी पर कुछ भी आरोप नहीं लगाना चाहता, लेकिन अगर इस तरह की कार्रवाई नहीं की जाती हैं तो ऐसी घटनाएं होती हैं।